रानीखेत। सशस्त्र सीमा बल के सीमांत मुख्यालय, रानीखेत का 15वां स्थापना दिवस अत्यंत भव्यता, अनुशासन और पारंपरिक गौरव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विविध कार्यक्रमों में बल के शौर्य, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रभावशाली झलक देखने को मिली।
समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि कार्यकारी महानिरीक्षक दुर्गा बहादुर सोनार, उप-महानिरीक्षक सीमांत रानीखेत द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके उपरांत बल की विशेष सुसज्जित टुकड़ी द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया, जो बल के उच्च स्तरीय अनुशासन और पेशेवर दक्षता का प्रतीक रहा।
अपने संबोधन में दुर्गा बहादुर सोनार ने सीमांत मुख्यालय के सभी अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिवारों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सीमांत रानीखेत ने “सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व” के मूल मंत्र को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है और बीते वर्ष कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
इसके बाद उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल, नई दिल्ली की ओर से चयनित कार्मिकों को ‘महानिदेशक सिल्वर डिस्क’ एवं प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि बल्कि पूरे बल के लिए प्रेरणास्रोत रहा।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जवानों के बीच खेलकूद प्रतियोगिताएं, संदीक्षा परिवार के लिए म्यूजिकल चेयर तथा बच्चों के लिए सैक रेस का आयोजन किया गया। समारोह का समापन बल की परंपरागत ‘बड़ा खाना’ के साथ हुआ, जिसमें अधिकारियों और जवानों ने एक साथ भोजन कर आपसी भाईचारे और सौहार्द को और मजबूत किया।
इस अवसर पर डॉ. जे. के. शर्मा (कमांडेंट), देबासिस पाल (कमांडेंट), कुमार सुंदरम (द्वितीय कमान अधिकारी), प्रभाकर (उप कमांडेंट), जसवीर सिंह (अधिशासी अभियंता), संजीव डिमरी (सहायक कमांडेंट), राहुल कुमार राय (सहायक कमांडेंट) सहित अधीनस्थ अधिकारी, समस्त बल कार्मिक एवं संदीक्षा परिवार उपस्थित रहे।




















