खाकी हुई बेनकाब: मुंह में पिस्टल डालकर व्यापारी से 20 लाख की वसूली, दो दरोगाओं पर FIR
मेरठ पुलिस में भूचाल: धागा व्यापारी के अपहरण-रंगदारी में दो दरोगा नामजद, FIR होते ही फरार
मेरठ जिले में पुलिस महकमे को हिला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। लोहियानगर थाने में तैनात दो दरोगाओं पर धागा व्यापारी के अपहरण, जान से मारने की धमकी और 20 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं।
एसएसपी अविनाश पांडे के आदेश पर दोनों आरोपित दरोगाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और जबरन वसूली सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मामले का खुलासा लिसाड़ी गेट निवासी धागा व्यापारी रासिख की शिकायत के बाद हुआ। पीड़ित के अनुसार, उपनिरीक्षक लोकेन्द्र साहू और महेश कुमार ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर जबरन अपनी गाड़ी में बंधक बनाया।
आरोप है कि दरोगाओं ने व्यापारी के मुंह में पिस्टल डालकर 20 लाख रुपये न देने पर ‘फर्जी एनकाउंटर’ की धमकी दी और पैर में गोली मारने का डर दिखाया।
व्यापारी ने बताया कि मौत के खौफ में उससे 20 लाख रुपये वसूल लिए गए। बाद में जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपित दरोगाओं ने यह कहकर धमकाया कि यह हवाला का पैसा है, मांग की तो जान से हाथ धो बैठोगे।
हैरान करने वाली बात यह है कि 10 फरवरी 2026 को थाना लिसाड़ी गेट में मुकदमा दर्ज होते ही दोनों दरोगा फरार हो गए। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई की आहट मिलते ही आरोपितों ने व्यापारी को 15 लाख रुपये वापस भी किए, लेकिन तब तक मामला दर्ज हो चुका था। घटना मूल रूप से 8 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है।
एसएसपी अविनाश पांडे ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोनों फरार दरोगाओं की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। फिलहाल दोनों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
इस घटना ने खाकी की आड़ में अपराध करने वालों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




















