रानीखेत। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सीमांत मुख्यालय, रानीखेत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
महानिरीक्षक अमित कुमार के निर्देशन एवं प्रेरणा में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों और जवानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उप महानिरीक्षक सुरेश सुब्रह्मण्यम् ने परिसर में औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण कर किया। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं और बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में उनका संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।
उन्होंने सभी कार्मिकों से अपील की कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखरेख और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।
वृक्षारोपण अभियान के तहत मुख्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार, छायादार तथा पर्यावरण के अनुकूल पौधों का रोपण किया गया। अधिकारियों और जवानों ने पूरे उत्साह के साथ अभियान में भाग लेते हुए परिसर को अधिक हराभरा बनाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया।
इस अवसर पर उप महानिरीक्षक सुरेश सुब्रह्मण्यम्, उप महानिरीक्षक दुर्गा बहादुर सोनार, चिकित्सा अधिकारी चंद्रका हयाँकी, कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी, द्वितीय कमान अधिकारी कुमार सुंदरम, उप कमांडेंट प्रभाकर, अधिशासी अभियंता जसवीर सिंह, सहायक कमांडेंट गोविंद सिंह बोरा, सहायक अभियंता रितेश कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया।


