दो दशक से निरंतर चला रहे वृक्षारोपण अभियान, इस वर्ष ग्राम अम्याड़ी में लगाए देवदार, उतीश, बोन और मोरपंखी के पौधे
रिपोर्टर: बलवंत सिंह रावत
रानीखेत। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामाजिक कार्यकर्ता सतीशचन्द्र पाण्डेय और उनकी पत्नी लीला देवी पिछले दो दशकों से प्रेरणादायी कार्य कर रहे हैं।
पाण्डेय दम्पति हर वर्ष अपने स्तर पर 251 पौधों का रोपण कर प्रकृति के संरक्षण और हरित वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
उनका यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है, बल्कि समाज को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित कर रहा है।
इसी क्रम में इस वर्ष पाण्डेय दम्पति ने ग्राम अम्याड़ी में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर उतीश, बोन, देवदार और मोरपंखी सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। उन्होंने स्थानीय लोगों से इन पौधों की नियमित देखभाल करने और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान भी किया।
सामाजिक कार्यकर्ता सतीशचन्द्र पाण्डेय ने कहा कि बदलते पर्यावरण और बढ़ती जनसंख्या के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में जल संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक पारंपरिक नौले और धारे सूखने की कगार पर हैं तथा नदियों का जलस्तर भी लगातार घट रहा है, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण देने के लिए आज से ही व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से वे और उनकी पत्नी हर वर्ष पौधरोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी करे, ताकि हरित भविष्य का सपना साकार हो सके।


