नन्हे कान्हाओं की नटखट अदाओं ने मोहा मन, क्यूट कान्हा प्रतियोगिता में बच्चों ने बिखेरी कृष्णमयी छटा
माखन की मटकी, हाथ में बांसुरी और सिर पर मोरपंख सजाकर पहुंचे नन्हे बाल-गोपाल; तीन आयु वर्गों में बच्चों ने जीते पुरस्कार
रिपोर्टर — बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रानीखेत में नन्हे बाल-गोपालों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को कृष्णमय कर दिया।
माखन की मटकी, हाथ में बांसुरी और सिर पर मोरपंख सजाए नन्हे कान्हाओं ने अपनी मासूमियत, नटखट अदाओं और बाल-सुलभ चेष्टाओं से दर्शकों का दिल जीत लिया। अवसर था।
सांस्कृतिक समिति रानीखेत की ओर से शिव मंदिर स्थित पंचेश्वर सभागार में आयोजित ‘क्यूट कान्हा प्रतियोगिता’ का।
प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की जीवंत झांकी प्रस्तुत की। पारंपरिक पीतांबरी वस्त्रों में सजे बच्चों ने सिर पर मोरपंख, हाथों में बांसुरी और माखन की मटकी लेकर मंच पर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
किसी नन्हे कान्हा की ठुमक-ठुमक कर चलने की अदा ने दर्शकों को खूब हंसाया, तो किसी ने माखन खाने की अभिनय कला से तालियां बटोरीं।
बच्चों की किलकारियों, मासूम मुस्कान और नटखट हरकतों से पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की आकर्षक वेशभूषा और मनमोहक प्रस्तुतियों ने निर्णायकों के लिए विजेताओं का चयन भी चुनौतीपूर्ण बना दिया।
प्रतियोगिता के परिणाम में 0-1 आयु वर्ग में दिव्यान सिंह ने प्रथम, गौरांशी पंत ने द्वितीय और चैतन्य रिखाड़ी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 1-3 आयु वर्ग में सान्वी वर्मा प्रथम, अनन्त चौरसिया द्वितीय और मेघांश भट्ट तृतीय रहे।
इसी क्रम में 3-5 आयु वर्ग में क्रियांश साह ने प्रथम, लुभावनी कांडपाल ने द्वितीय और कृतिका पंत ने तृतीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में शामिल अन्य सभी नन्हे प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष विमल सती ने कहा कि समिति की ओर से बच्चों के लिए पिछले सात वर्षों से क्यूट कान्हा प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सांस्कृतिक समिति विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों और युवाओं को मंच प्रदान करती रहेगी।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में ज्योति साह और डॉ. विनीता खाती शामिल रहीं। कार्यक्रम का संचालन दीपक पंत ने किया। प्रायोजक बबीता पंत एवं जगदीश अग्रवाल तथा सांस्कृतिक समिति के सदस्यों द्वारा विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए गए।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक समिति के संरक्षक हरीश लाल साह, राजेन्द्र पंत, संजय पंत, गौरव तिवारी, रीना वर्मा, अभिषेक कांडपाल, अशोक पंत, सोनू सिद्दीकी, कुलदीप कुमार, शेर सिंह राणा सहित समिति के अन्य सदस्य एवं अभिभावक मौजूद रहे।
नन्हे कान्हाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जन्माष्टमी समारोह को यादगार बना दिया। बच्चों की मासूमियत और कृष्ण के बाल स्वरूप की झलक ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।






