गांव से राजकीय मेडिकल कॉलेज में MBBS करने वाली पहली ग्रामीण व महिला बनीं निहारिका, डॉक्टर बनकर स्वास्थ्य सेवा में योगदान देने का संकल्प
रिपोर्टर — बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। विकासखंड ताड़ीखेत क्षेत्र के ग्राम दुगौड़ा (रतगल) की मेधावी छात्रा कुमारी निहारिका सिंह ने NEET-2026 की परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। निहारिका ने नीट की राज्य काउंसलिंग के पहले ही चरण में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, श्रीनगर गढ़वाल में MBBS पाठ्यक्रम के लिए सीट हासिल की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में अपना प्रवेश भी पूर्ण कर लिया है।
निहारिका की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ ही ग्राम दुगौड़ा और पूरे ताड़ीखेत क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
बचपन से मेधावी रहीं निहारिका
गिरीश चंद्र सिंह रौतेला एवं इंदुप्रभा रौतेला की सुपुत्री निहारिका सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल सांबा, जम्मू-कश्मीर तथा इसके बाद सेंट लॉरेंस सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी से प्राप्त की। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी निहारिका ने कक्षा 12वीं की परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
शिक्षा के प्रति उनकी गंभीरता और लक्ष्य के प्रति समर्पण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने नीट जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा की तैयारी पूरी लगन और मेहनत के साथ की। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश का अपना सपना साकार कर लिया।
कक्षा तीन में ही दिखी थी डॉक्टर बनने की चाह
निहारिका का स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जाने का रुझान बचपन से ही रहा है। कक्षा तीन में गृहकार्य के दौरान जब विद्यार्थियों से ‘तुम क्या बनना चाहते हो’ विषय पर कार्य कराया गया था, तब निहारिका ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी पेंटिंग बनाकर डॉक्टर बनने की अपनी इच्छा जाहिर की थी। बचपन में व्यक्त किया गया यही सपना समय के साथ उनके जीवन का लक्ष्य बन गया।
गांव से MBBS करने वाली पहली ग्रामीण व महिला
निहारिका की उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि वह अपने गांव से NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर राजकीय मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई करने वाली पहली ग्रामीण एवं महिला बनी हैं। उनकी सफलता ने क्षेत्र के ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का संदेश दिया है।
निहारिका ने अपनी सफलता के बाद कहा कि उनका उद्देश्य केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि चिकित्सा सेवा के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। वह भविष्य में जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अपना योगदान देना चाहती हैं।
निहारिका की सफलता पर परिजनों, ग्रामीणों, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। सभी ने उम्मीद जताई कि वह MBBS की पढ़ाई में भी इसी तरह सफलता हासिल करते हुए अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी।





