अब 45 दिन बाद ही बुक होगा गैस सिलेंडर! OTP डिलीवरी और सप्लाई को लेकर बदले नियम
ईरान–इजरायल तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट के बीच देश में रसोई गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।
सरकार ने साफ किया है कि देश में एलपीजी की कोई वास्तविक कमी नहीं है, लेकिन घबराहट में हो रही भारी बुकिंग और जमाखोरी को रोकने के लिए कुछ नए नियम लागू किए गए हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार अब ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता एक सिलेंडर मिलने के बाद कम से कम 45 दिन का इंतजार किए बिना अगली बुकिंग नहीं कर पाएंगे।
पहले यह अंतराल 25 दिन था। वहीं शहरी क्षेत्रों में बुकिंग गैप 25 दिन ही रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे कृत्रिम कमी जैसी स्थिति बन रही थी।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि हाल के दिनों में पैनिक बुकिंग काफी बढ़ गई है, जबकि वास्तविक सप्लाई में कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार कई देशों से एलपीजी आयात कर घरेलू जरूरतों को पूरा कर रही है।
सरकार ने 5 मार्च को देश की रिफाइनरियों को अधिकतम एलपीजी उत्पादन करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 12 मार्च तक घरेलू उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे सप्लाई पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
कमर्शियल सिलेंडरों को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। तेल विपणन कंपनियां अब राज्यों के साथ समन्वय कर औसत मासिक मांग का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही औद्योगिक और कमर्शियल उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराएंगी। इसका उद्देश्य गैस सिलेंडर की अवैध बिक्री और जमाखोरी पर रोक लगाना है।
साथ ही पारदर्शिता बढ़ाने के लिए गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब OTP के जरिए सुनिश्चित की जाएगी। डिलीवरी बॉय जब सिलेंडर लेकर घर पहुंचेगा, तब उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा और उसी कोड के आधार पर डिलीवरी दर्ज होगी।

