‘अगर मैं भागता नही तो, डॉक्टर लगा देता चीरा’.जिंदा युवक को भेज दिया पोस्टमार्टम हाउस, होश आते ही बिना कपड़ों के भागा
मध्य प्रदेश। गुना जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक युवक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन पोस्टमार्टम से पहले ही उसे होश आ गया।
जानकारी के अनुसार, गुना के हड्डी मिल क्षेत्र निवासी जॉन पारदी ने 11 मार्च को मानसिक तनाव के चलते कथित रूप से सल्फास का सेवन कर लिया था। परिजन उसे अचेत अवस्था में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां आरोप है कि डॉक्टरों ने बिना पूरी जांच किए उसे मृत घोषित कर दिया और शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया।
हैरानी की बात तब हुई जब पोस्टमार्टम कक्ष में कुछ देर बाद युवक को होश आ गया। खुद को शवों के बीच और नग्न अवस्था में देखकर वह घबरा गया और तुरंत बाहर की ओर भाग निकला। अचानक हुई इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि यदि उसे समय पर होश नहीं आता, तो जिंदा रहते हुए ही उसका पोस्टमार्टम शुरू हो सकता था, जिससे उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मामले में अभी तक अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

