रानीखेत। उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की 27 सूत्रीय मांगों के निराकरण न होने पर हड़ताल लगातार जारी है। महासंघ के आह्वान पर शाखा रानीखेत द्वारा लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) विश्राम गृह में हड़ताल के 13वें दिन बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता इं० हरीश सिंह ने की, जबकि संचालन इं० ललित सिंह सिराड़ी द्वारा किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर्स ने सभी विभागीय कार्यों का बहिष्कार कर हड़ताल स्थल पर उपस्थिति दर्ज कराई।
वक्ताओं ने कहा कि कई चरणों के आंदोलन के बावजूद सरकार द्वारा उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे इंजीनियर्स में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।
महासंघ की प्रमुख मांगों में कनिष्ठ अभियंताओं को 4600 ग्रेड पे (01 जनवरी 2006 से), सेवा काल में न्यूनतम तीन पदोन्नति या एसीपी के तहत तय वेतनमान, 2014 के बाद नियुक्त जेई को 10 वर्ष बाद 5400 ग्रेड पे, पेयजल निगम और जल संस्थान का राजकीयकरण/एकीकरण, नई पेंशन योजना (NPS) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करना तथा आवास विभाग के अभियंताओं को IFMS से जोड़ने जैसी मांगें शामिल हैं।
4 अप्रैल 2026 से विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर्स पूरी तरह से विभागीय कार्यों से विरत हैं। बैठक में मंडल अध्यक्ष (कुमाऊं) इं० सुरेश डंगवाल, उपाध्यक्ष इं० एलएम शर्मा, मंडल सचिव इं० गौरव पंत, इं० कैलाश चंद्र, इं० एमएल वर्मा, इं० प्रिया डौर्बी, इं० बबीता डंगवाल सहित बड़ी संख्या में इंजीनियर्स मौजूद रहे।

