उत्तराखंड चुनाव 2027: भाजपा का बूथ फोकस मिशन शुरू, हारी सीटों पर सांसदों को मिलेगी जिम्मेदारी

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उत्तराखंड में भाजपा की हैट्रिक का मंत्र, नितिन नवीन का हिंदुत्व और समन्वय पर जोर

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दूसरे दिन सांसदों और विधायकों के साथ लंबी रणनीतिक बैठक की।

बैठक में बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार, सरकार की उपलब्धियों के प्रचार और कमजोर सीटों पर विशेष फोकस को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।

राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने आगामी चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भाजपा आगामी चुनाव में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत कर “माइक्रो मैनेजमेंट मॉडल” पर काम करेगी।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के विकास कार्यों और राज्य सरकार की उपलब्धियों को गांव-गांव तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। सांसदों और विधायकों को निर्देश दिए गए कि वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को शामिल करते हुए विस्तृत प्रचार सामग्री तैयार करें। इस सामग्री को ग्राम स्तर तक पहुंचाकर सीधे मतदाताओं से संपर्क साधा जाएगा।

भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पंपलेट, पत्रिका और जनसंपर्क अभियान चलाएगी। साथ ही संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि चुनावी सफलता का सबसे बड़ा आधार मजबूत बूथ संगठन होता है। जिन बूथों पर अभी तक टोली या बूथ समितियों का गठन नहीं हुआ है, वहां विधायक और मंडल संगठन संयुक्त रूप से अभियान चलाकर संगठनात्मक ढांचा तैयार करेंगे।

भाजपा नेतृत्व ने उन 23 विधानसभा सीटों पर विशेष रणनीति बनाने का निर्णय लिया है, जहां पार्टी पिछला चुनाव हार गई थी। इन सीटों की जिम्मेदारी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को सौंपी जाएगी। वहीं दो हजार से कम मतों के अंतर से जीती गई सीटों पर भी विशेष निगरानी रखने और लगातार संगठनात्मक सक्रियता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में प्रत्येक ग्राम सभा में कम से कम 100 बुद्धिजीवियों की सूची तैयार करने का लक्ष्य भी तय किया गया। पार्टी का मानना है कि सामाजिक रूप से प्रभावशाली वर्गों के माध्यम से सरकार की योजनाओं और संगठन की विचारधारा को अधिक प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाया जा सकता है।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी का पूरा फोकस बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को मजबूत करने पर है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठन अभी से पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुका है।

राजनीतिक दृष्टि से भाजपा की यह बैठक केवल संगठनात्मक मंथन नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रणनीतिक खाका मानी जा रही है। बूथ स्तर की मजबूती, कमजोर सीटों पर फोकस और सरकार की उपलब्धियों के व्यापक प्रचार के जरिए भाजपा चुनावी बढ़त बनाए रखने की तैयारी में जुटी दिखाई दे रही है।

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