ताड़ीखेत ब्लॉक सभागार में स्वयं सहायता समूहों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। विकासखंड ताड़ीखेत के ब्लॉक सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण शिविर में विकासखंड क्षेत्र के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य समूहों को मजबूत करने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान स्वयं सहायता समूहों के बेहतर संचालन, वित्तीय प्रबंधन और समूह की गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। महिलाओं को डिजिटल लेनदेन के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग, बैंक खातों के संचालन, बचत की नियमितता तथा बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अधिकारियों ने समूहों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर उपलब्ध वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम में महिलाओं की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, कृषि आधारित गतिविधियों तथा अन्य स्वरोजगारपरक कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि समूह की महिलाएं आपसी सहयोग और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से छोटे स्तर के व्यवसाय शुरू कर अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं।
प्रशिक्षण शिविर के दौरान स्वयं सहायता समूहों के रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने को लेकर भी जानकारी दी गई। समूह के रजिस्टरों के नियमित रखरखाव, बैठकों का समय पर आयोजन, बैठक में लिए गए निर्णयों का रिकॉर्ड रखने तथा समूह के सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय एवं सहभागिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि समूहों की सफलता के लिए नियमित बैठक, पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था और सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
विभागीय अधिकारियों ने महिलाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं तथा उपलब्ध अनुदान और सब्सिडी की जानकारी भी दी। महिलाओं से अपील की गई कि वे पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करें और परिवार की आय बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रशिक्षण में मौजूद स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें समूह संचालन और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी मिलने के साथ-साथ अपने हुनर को रोजगार से जोड़ने का अवसर मिलता है। महिलाओं ने कहा कि यदि उन्हें समय-समय पर इस प्रकार का मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिलता रहे तो वे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं।
अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को समूहों के माध्यम से संगठित कर उन्हें आजीविका के बेहतर साधनों से जोड़ना है। ताड़ीखेत में आयोजित यह प्रशिक्षण भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे स्वयं सहायता समूहों की क्षमता बढ़ाने के साथ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने में मदद मिलेगी।








