मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर रानीखेत कांग्रेस मुखर, पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग
खड़गे की रैली के बाद सामने आए प्रकरण को बताया सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर।
रिपोर्टर — बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के उपरांत मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने भी इस प्रकरण पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कोतवाली रानीखेत में तहरीर दी। कांग्रेस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी कोतवाली पहुंचे और पुलिस को ज्ञापन एवं तहरीर सौंपते हुए मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम के उपरांत मंच का कथित रूप से शुद्धिकरण किया जाना अत्यंत आपत्तिजनक है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से समाज में भेदभाव एवं वैमनस्य की भावना को बढ़ावा मिल सकता है, जिसका सामाजिक सौहार्द और समरसता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
कांग्रेस ने तहरीर में घटना से जुड़े संबंधित व्यक्तियों तथा अन्य कथित रूप से संलिप्त लोगों के विरुद्ध उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर कानून की उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट की कथित भूमिका की भी निष्पक्ष जांच किए जाने का अनुरोध पुलिस प्रशासन से किया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से मांग की कि तहरीर को विधिवत दर्ज करते हुए पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि घटना से संबंधित उपलब्ध फोटो, वीडियो, समाचार रिपोर्ट एवं अन्य प्रकाशित सामग्री को साक्ष्य के रूप में जांच के दायरे में शामिल किया जाए, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके।
कांग्रेस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी व्यक्ति या समुदाय के प्रति भेदभाव की भावना पैदा करने वाली घटनाएं सामाजिक एकता और भाईचारे के लिए उचित नहीं हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश और प्रदेश में सामाजिक समरसता एवं आपसी भाईचारे को बनाए रखना सभी राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी है। ऐसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई आवश्यक है, जिससे किसी भी प्रकार की गलतफहमी या सामाजिक तनाव को बढ़ने से रोका जा सके।
तहरीर के साथ संबंधित घटना के फोटो, वीडियो तथा उपलब्ध समाचार एवं प्रकाशित सामग्री को भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किए जाने की बात कही गई है। कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से सभी उपलब्ध तथ्यों की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है।
रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया कि मामले में निष्पक्ष जांच होने और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने तक पार्टी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष गुसाईं राम ने की।
इस दौरान पीसीसी सदस्य कैलाश पांडेय, नगरपालिका अध्यक्ष अरुण रावत, नगर अध्यक्ष उमेश भट्ट, महिला जिलाध्यक्ष गीता पवार, कॉर्डिनेटर कुलदीप कुमार, चिलियानौला अध्यक्ष कमलेश बोरा, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल सुनह देव, हॉकी संघ अध्यक्ष अगस्त लाल साह, मीडिया प्रभारी सोनू सिद्दीकी, सभासद सुंदर कुँवार्बी, विनीत चौरसिया, प्रमोद पाल, पंकज गुरुरानी, गुड्डू खान, सुरेंद्र पवार, विकास कुमार, प्रदीप रावत, दीपक सोंटियाल सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।







