पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर और ‘केवल-यू’ के बीच एमओयू, छात्रों को मिलेगा कौशल विकास व रोजगारपरक प्रशिक्षण

रामनगर। पी.एन.जी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामनगर के छात्र-छात्राओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें वर्तमान दौर की व्यावहारिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में महाविद्यालय और गाजियाबाद स्थित प्रशिक्षण संस्था ‘केवल-यू’ (Keval-U) के बीच कौशल विकास एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय की ओर से प्राचार्य प्रो. मोहन चंद्र पाण्डेय तथा ‘केवल-यू’ के संस्थापक एवं पार्टनर डॉ. गौतम पंत ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर महाविद्यालय के IQAC समन्वयक प्रो. सी.एस. नेगी, करियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल के संयोजक डॉ. पंकज प्रियदर्शी तथा आम्रपाली कॉलेज, हल्द्वानी से विशेष रूप से आमंत्रित डॉ. विकास अग्रवाल मौजूद रहे।

छात्रों को मिलेगा स्किल बिल्डिंग और मैनेजमेंट ट्रेनिंग का लाभ

एमओयू का प्रमुख उद्देश्य महाविद्यालय में अध्ययनरत स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ रोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराना है। इसके तहत ‘केवल-यू’ की ओर से विद्यार्थियों के लिए विशेष स्किल बिल्डिंग, मैनेजमेंट ट्रेनिंग और व्यक्तित्व विकास से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस पहल से विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार और कॉर्पोरेट क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझने तथा उनके अनुरूप अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के तकनीकी एवं प्रबंधकीय कौशल को निखारने के साथ ही उन्हें रोजगार के लिए अधिक तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।

प्राध्यापकों के लिए भी होगा फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

एमओयू की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि इसका लाभ केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। महाविद्यालय के प्राध्यापकों के लिए भी नियमित रूप से फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को शिक्षण की नवीन विधियों, व्यावहारिक प्रशिक्षण तकनीकों और बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

IQAC समन्वयक प्रो. सी.एस. नेगी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को निरंतर बेहतर बनाने के लिए इस तरह के सहयोगात्मक प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार, ‘केवल-यू’ के साथ हुआ यह समझौता विद्यार्थियों की दक्षता बढ़ाने के साथ प्राध्यापकों के व्यावसायिक विकास में भी सहायक होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महाविद्यालय की समग्र गुणवत्ता और नैक (NAAC) मूल्यांकन की दृष्टि से भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।

दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलेगा विशेषज्ञ प्रशिक्षण

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मोहन चंद्र पाण्डेय ने एमओयू को महाविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते के माध्यम से दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थी भविष्य की रोजगार संबंधी चुनौतियों के लिए स्वयं को बेहतर तरीके से तैयार कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाना भी है। इसी दिशा में यह एमओयू महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बेहतर प्लेसमेंट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

करियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल के संयोजक डॉ. पंकज प्रियदर्शी ने कहा कि विद्यार्थियों को रोजगारपरक बनाने के लिए सेल की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ‘केवल-यू’ के साथ हुआ यह समझौता विद्यार्थियों के कौशल, व्यक्तित्व विकास और रोजगार क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर प्लेसमेंट के अवसर प्राप्त होंगे।

कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग और स्टडी मटेरियल भी उपलब्ध होगा

‘केवल-यू’ के संस्थापक एवं पार्टनर डॉ. गौतम पंत ने महाविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संस्था विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुसार कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग और स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि संस्था के सिस्टम में आवश्यक सुधार के लिए निःशुल्क कंसल्टिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

आम्रपाली कॉलेज, हल्द्वानी से पहुंचे डॉ. विकास अग्रवाल ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखे और इस अकादमिक सहयोग के लिए दोनों संस्थानों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय महाविद्यालय के IQAC तथा करियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह एमओयू विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा से आगे बढ़कर व्यावहारिक कौशल, प्रबंधन क्षमता और रोजगार के लिए आवश्यक दक्षताएं विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा।

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