चिलियानौला रामलीला का तीसरा दिन मंचित हुआ ‘सीता स्वयंवर’ और ‘परशुराम-लक्ष्मण संवाद’।
रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। रामलीला कमेटी चिलियानौला के तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला के तीसरे दिन भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े पौराणिक प्रसंगों का भव्य एवं जीवंत मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी पंडाल में पहुंचे। कलाकारों के शानदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और धार्मिक वातावरण ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से शिवधनुष भंग, सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद के प्रसंग आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने भगवान श्रीराम के स्वरूप की पूजा-अर्चना की और दीप प्रज्वलित कर रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। इस दौरान रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
शिवधनुष भंग और सीता स्वयंवर का हुआ भव्य मंचन
रामलीला के संध्याकालीन सत्र में कलाकारों ने सीता स्वयंवर के प्रसंग को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। मंच पर राजा जनक के दरबार और भगवान शिव के धनुष को उठाने के लिए विभिन्न राजाओं के प्रयासों का जीवंत चित्रण किया गया। इसके बाद भगवान श्रीराम द्वारा शिवधनुष भंग किए जाने के प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दृश्य के मंचन के दौरान पंडाल में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बांधा समां
शिवधनुष टूटने के बाद मंचित परशुराम-लक्ष्मण संवाद रामलीला का प्रमुख आकर्षण रहा। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय, ओजपूर्ण संवाद और प्रभावशाली भाव-भंगिमाओं से इस प्रसंग को जीवंत कर दिया। परशुराम और लक्ष्मण के बीच हुए संवाद के दौरान दर्शक लगातार तालियां बजाते नजर आए। कलाकारों की संवाद अदायगी ने पूरे पंडाल में उत्साह भर दिया और वातावरण भक्तिमय हो उठा।
धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का माध्यम: डॉ. प्रमोद नैनवाल
इस अवसर पर विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि रामलीला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के बारे में जानने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के संरक्षण के लिए इस प्रकार के आयोजन आवश्यक हैं।
विधायक ने रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों और कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रम समाज में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान बीना बोरा, नगरपालिका अध्यक्ष अरुण रावत, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुंदर कुवार्बी, पूर्व अध्यक्ष गणेश कुवार्बी, ललित मेहरा सहित रामलीला कमेटी के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
रामलीला के तीसरे दिन के सफल आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक विरासत के प्रति लोगों की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया।


