रानीखेत विधानसभा में 2027 के चुनावी रण की तैयारी तेज, भाजपा नेता दीप भगत ने ठोकी दावेदारी; 49 साल के संगठनात्मक अनुभव को बनाया आधार

49 वर्षों के राजनीतिक-सामाजिक अनुभव के आधार पर जनता की सेवा का संकल्प

भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीप भगत ने 2027 चुनाव के लिए ठोकी दावेदारी।

रानीखेत से भाजपा टिकट के लिए दीप भगत ने पेश की मजबूत दावेदारी, 49 वर्षों की संगठनात्मक यात्रा का दिया हवाला

रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत

रानीखेत। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। चुनाव में अभी समय जरूर है, लेकिन विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के भीतर टिकट को लेकर दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में रानीखेत विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीप भगत ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है।

दीप भगत ने अपनी दावेदारी के समर्थन में पार्टी और संगठन के प्रति अपने लंबे जुड़ाव, समर्पण तथा सांगठनिक अनुभव को प्रमुख आधार बनाया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन का लंबा समय संगठन की मजबूती और समाज सेवा के लिए समर्पित किया है। ऐसे में यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें विधानसभा चुनाव में जनता के बीच जाने का अवसर देता है, तो वह क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।

दीप भगत के अनुसार, उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ाव वर्ष 1977 से रहा है। उन्होंने एक समर्पित स्वयंसेवक के रूप में सामाजिक गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यों में अपनी भूमिका निभाई। इसके बाद वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के समय से ही वह पार्टी के साथ निरंतर जुड़े रहे और एक अनुशासित एवं निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहे हैं।

पार्टी संगठन में लगभग 49 वर्षों की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों पर कार्य किया है। इस लंबे अनुभव को वह अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक पूंजी मानते हैं। उनका कहना है कि संगठन के प्रति निष्ठा, कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय और जनता के बीच निरंतर संपर्क ही किसी भी जनप्रतिनिधि की वास्तविक पहचान होनी चाहिए।

अपनी चुनावी दावेदारी को लेकर दीप भगत ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष पार्टी और संगठन को मजबूत करने में लगाए हैं। यदि संगठन और शीर्ष नेतृत्व उनके 49 वर्षों के समर्पण एवं निष्ठा को देखते हुए उन पर विश्वास जताता है, तो वह अपनी पूरी क्षमता और राजनीतिक अनुभव के साथ जनता की सेवा करेंगे।

दीप भगत की दावेदारी के सामने आने के बाद रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के भीतर संभावित टिकट के दावेदारों को लेकर चर्चाएं तेज होने की संभावना है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी प्रत्याशी चयन को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है, लेकिन चुनाव से पहले दावेदारों की सक्रियता ने राजनीतिक माहौल को गर्माना शुरू कर दिया है।

अब देखना होगा कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनाव में रानीखेत सीट को लेकर क्या रणनीति अपनाता है और लंबे संगठनात्मक अनुभव का दावा करने वाले दीप भगत की दावेदारी को कितना महत्व मिलता है।

फिलहाल उनकी चुनावी सक्रियता ने रानीखेत की राजनीति में 2027 के चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चा जरूर शुरू कर दी है।

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