भीमताल से जुड़ा एक विवाद उस समय सुर्खियों में आ गया, जब पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं प्रमुख उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु ने हल्द्वानी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा और भीमताल विधानसभा के विधायक रामसिंह कैड़ा पर गंभीर आरोप लगाए।
हरीश पनेरु ने दावा किया कि एक अस्थि रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. जगदीप सिंह पटपटिया को गलत कार्य करने का दबाव बनाया गया और मना करने पर धमकी भरा पत्र दिया गया। उनका आरोप है कि 23 फरवरी को खनस्यूं में आयोजित चिकित्सा शिविर के दौरान विधायक द्वारा डॉक्टर के साथ अभद्रता की गई और न मानने पर “देख लेने” की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल को भी फोन पर धमकाने का आरोप लगाया गया है।
पनेरु ने कहा कि भाजपा शासन में उत्पीड़न, शोषण और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और राज्य में अराजकता का माहौल बन गया है। उन्होंने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि देहरादून में शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ कथित मारपीट, देहरादून के डीएम को धमकी, माननीय उच्च न्यायालय पर आपत्तिजनक टिप्पणी, हथियार लहराने और चुनावों के दौरान कथित गुंडागर्दी जैसी घटनाएं इसी माहौल को दर्शाती हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास होने के बावजूद पुलिस निष्क्रिय है। पनेरु का दावा है कि पूरे राज्य में अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी भय के साए में काम कर रहे हैं।
अंत में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरीश पनेरु ने कहा कि भीमताल विधानसभा में कथित गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों के खिलाफ सख्त संघर्ष जारी रहेगा।




















