फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी की हासिल ,तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले मे तीन के खिलाफ मुकदमा हुआ दर्ज

रिपोर्टर शंकर फुलारा 

अल्मोड़ा। जनपद के स्वास्थ्य विभाग में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।

करीब तीन दशक पहले बहुउद्देशीय कार्यकर्ता पद पर तैनात तीन कर्मचारियों के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पंत की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से पुलिस अधीक्षक को भेजी गई तहरीर में तीन कर्मचारियों की नियुक्ति को पूरी तरह फर्जी बताया गया है।

मामले को संगीन बताते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी अल्मोड़ा की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि वर्ष 1989 में अरुण शुक्ला, बीरबल सिंह और जयवीर सिंह नामक तीन लोगों ने बहुउद्देशीय कार्यकर्ता (पुरुष) के पद पर नियुक्ति के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन किया और नियुक्ति प्राप्त कर ली।

आरोप है कि इन नियुक्तियों में जो पत्र प्रस्तुत किए गए, वे न तो सीएमओ कार्यालय से निर्गत थे और न ही उन पर तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी के हस्ताक्षर मौजूद थे। तहरीर में कहा गया है कि शासन को पूर्व में भी 25 फरवरी 1992 को इस मामले की जानकारी दी गई थी।

दस्तावेजों की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपितों ने दूसरे जनपदों से स्थानांतरण दिखाकर अल्मोड़ा में कार्यभार ग्रहण किया और फर्जी ढंग से सेवा अभिलेख तैयार किए गए। 

सीएमओ कार्यालय ने इसे एक सुनियोजित गिरोह की साजिश का हिस्सा बताया है और पुलिस को तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।

साथ ही इस संबंध में नियुक्ति पत्रों की प्रतिलिपियां एवं अन्य साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए हैं।

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