देहरादून। प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बढ़ते महिला अपराध, बेरोजगारी, महंगाई और जंगली जानवरों के हमलों के विरोध में Indian National Congress ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। परेड ग्राउंड में हजारों कार्यकर्ता एकत्र हुए और वहां से लोकभवन कूच किया गया।
हाथीबड़कला में पुलिस की भारी बैरिकेडिंग के बीच कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने 300 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में पुलिस लाइन ले जाकर रिहा कर दिया गया। बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश में कई कार्यकर्ता गिरकर चोटिल भी हुए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गणेश गोदियाल और प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह प्रदर्शन भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बड़ा संदेश है। गोदियाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का भय समाप्त हो चुका है और दिन-दहाड़े हो रही घटनाओं से जनता में दहशत है।
प्रदर्शन में हरक सिंह रावत सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा। रैली में शामिल पूर्व सांसद अलका लांबा ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।
सभा का संचालन पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकभवन कूच से पहले शहर में लगाए गए बैनर-पोस्टर नगर निगम द्वारा हटाए गए, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
ढोल-नगाड़ों और बाइक रैली के साथ हुए इस शक्ति प्रदर्शन में विभिन्न जिलों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी अस्वस्थ होने के बावजूद रैली में शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश में अपराधों पर लगाम नहीं लगी और कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो पार्टी आगे और उग्र आंदोलन करेगी।




















