सलना में बारिश के दौरान हुआ हादसा, मलबे में दबकर दोनों पशुओं ने तोड़ा दम; प्रशासन ने किया मौका मुआयना, मुआवजे की कार्रवाई शुरू
रिपोर्ट – बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत/द्वाराहाट। क्षेत्र में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को विकासखंड द्वाराहाट के ग्राम सलना में आकाशीय बिजली चमकने के साथ हुई मूसलाधार बारिश के दौरान एक गौशाला अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे में गौशाला के अंदर बंधी एक दुधारू भैंस और उसके करीब डेढ़ वर्ष के कटड़े की मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पीड़ित पशुपालक के परिवार में मातम छा गया, जबकि ग्रामीणों में भी घटना को लेकर चिंता और शोक का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सलना निवासी राजेंद्र सिंह अधिकारी पुत्र खीम सिंह अधिकारी की गौशाला पर रविवार को मौसम का कहर टूट पड़ा। क्षेत्र में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमक रही थी। इसी दौरान बारिश के दबाव और संभवतः गौशाला की संरचना कमजोर होने के कारण वह अचानक ढह गई। गौशाला के अंदर बंधे दुधारू पशु मलबे में दब गए।
गौशाला के ढहने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर पशुओं को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मलबे में दबने के कारण दुधारू भैंस और उसके डेढ़ साल के कटड़े की मौत हो गई। हादसे में पशुपालक राजेंद्र सिंह अधिकारी को आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ा।
घटना की सूचना तत्काल आपदा कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग और पशुपालन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) तथा पशु चिकित्सालय की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे में हुए नुकसान का जायजा लिया।
पशु चिकित्सक भगवंत पांडे और क्षेत्रीय पटवारी ने मौके का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मृत पशुओं और क्षतिग्रस्त गौशाला का आकलन किया। प्रशासन की ओर से नियमानुसार घटना की रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि पीड़ित पशुपालक को सरकारी प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता अथवा मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्राकृतिक आपदा से पशुधन की क्षति झेलने वाले राजेंद्र सिंह अधिकारी को शीघ्र उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवार को आर्थिक संकट से राहत मिल सके। ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार बिगड़ रहे मौसम को देखते हुए पशुपालकों से भी अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
लगातार हो रही भारी बारिश और आकाशीय बिजली के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
खासकर पशुपालकों को गौशालाओं की स्थिति की जांच करने तथा तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।





