राष्ट्रीय खेल दिवस पर एसएसबी रानीखेत में गूंजा ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ का संदेश, जवानों ने दिखाया खेल कौशल

‘एक घंटा खेल के मैदान में’ अभियान के तहत मैत्रीपूर्ण वालीबॉल मैच आयोजित, डीआईजी सुरेश सुब्रमणियम ने मेजर ध्यानचंद के योगदान को किया याद

रिपोर्टर : बलवंत सिंह रावत 

रानीखेत। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सीमांत मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), रानीखेत के प्रांगण में तीन दिवसीय राष्ट्र स्तरीय खेल अभियान के अंतर्गत ‘एक घंटा खेल के मैदान में’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान की थीम ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ रखी गई। कार्यक्रम के दौरान सर्वकालिक महान हॉकी खिलाड़ी एवं ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद की अमर जयंती के उपलक्ष्य में मैत्रीपूर्ण वालीबॉल मैच का आयोजन किया गया।

वालीबॉल मैच में एसएसबी के अधिकारियों एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। खिलाड़ियों ने मैदान पर शानदार खेल भावना, आपसी तालमेल, त्वरित निर्णय क्षमता और अदम्य उत्साह का प्रदर्शन किया। मैच के दौरान खिलाड़ियों ने खेल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और फिटनेस के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीमांत रानीखेत के उप महानिरीक्षक सुरेश सुब्रमणियम ने मेजर ध्यानचंद के जीवन और खेल जगत में उनके अविस्मरणीय योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद का समर्पण, अनुशासन, मेहनत और अद्भुत खेल कौशल आज भी देश के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने बल के अधिकारियों और जवानों को खेलकूद के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इससे नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आपसी भाईचारा और अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण गुणों का भी विकास होता है। ये गुण व्यक्ति को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।

डीआईजी ने सभी अधिकारियों एवं जवानों से आह्वान किया कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या में से नियमित रूप से कुछ समय खेलकूद और फिटनेस गतिविधियों के लिए जरूर निकालें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन किसी भी संगठन की कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस आयोजन ने एसएसबी के जवानों में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम के माध्यम से फिटनेस, खेल भावना और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर प्रभाकर, उप कमांडेंट, रितेश कुमार सिंह, सहायक कमांडेंट सहित अधीनस्थ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जवान उपस्थित रहे।

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