राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत में नोबेल विजेता प्रो. कार्ल ई. वाइमन का विशेष ऑनलाइन व्याख्यान
रानीखेत। Government P.G. College, Ranikhet के विज्ञान लोकप्रियीकरण सेल (Science Popularisation Cell) के तत्वावधान में तथा Bhaktivedanta Institute के सहयोग से एक महत्वपूर्ण अकादमिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर नोबेल पुरस्कार से सम्मानित भौतिक विज्ञानी Prof. Carl E. Wieman 31 जनवरी 2026 (शनिवार) को ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित करेंगे।
प्रो. कार्ल ई. वाइमन का यह व्याख्यान “Taking a Scientific Approach to Science and Engineering Education” विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें विज्ञान एवं अभियांत्रिकी शिक्षा को अधिक प्रभावी, तार्किक और अनुसंधान-आधारित बनाने पर विचार प्रस्तुत किए जाएंगे। यह व्याख्यान विशेष रूप से उत्तराखंड के ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा सरकारी महाविद्यालयों के शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
इस अकादमिक सहयोग का समन्वय डॉ. भारत पांडेय, समन्वयक, विज्ञान लोकप्रियीकरण सेल, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत द्वारा किया जा रहा है। डॉ. पांडेय ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल प्रमाण-पत्र देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सीधे विश्व-स्तरीय वैज्ञानिकों से जोड़कर सीखने और प्रेरित होने का अवसर प्रदान करना है।
डॉ. पांडेय ने जानकारी दी कि इसी सहयोग के अंतर्गत पूर्व में भी कई प्रतिष्ठित नोबेल व्याख्यान आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें Prof. David J. Wineland का ऑनलाइन व्याख्यान 17 नवंबर 2024 को तथा Prof. Morten Peter Meldal का व्याख्यान 09 अप्रैल 2025 को आयोजित किया गया था, जिनमें राज्य भर से विद्यार्थियों और शिक्षकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
उन्होंने यह भी बताया कि 02 से 07 जून 2025 के दौरान आयोजित क्वांटम फाउंडेशंस विशेष व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिकों से संवाद का दुर्लभ अवसर मिला। इस श्रृंखला का मुख्य व्याख्यान Prof. Anthony Leggett द्वारा दिया गया। इसके अतिरिक्त Dr. Tim Eastman, Dr. Robert S. Sunderlin, Prof. Alfred Driessen, Prof. Antoine Suarez, Prof. Christopher Fuchs, Prof. David Wallace तथा Prof. Markus Paul Müller जैसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडेय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान लोकप्रियीकरण सेल के माध्यम से डॉ. भारत पांडेय द्वारा निरंतर ऐसे उच्च स्तरीय अकादमिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान रुचि और आत्मविश्वास का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से नोबेल विजेताओं को विद्यार्थियों से जोड़ना उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक दूरदर्शी और प्रशंसनीय प्रयास है।
विज्ञान लोकप्रियीकरण सेल की सह-समन्वयक डॉ. स्तुति जोशी ने कहा कि ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं से आगे सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं सेल की सदस्य डॉ. निधि शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम कक्षा-कक्ष की शिक्षा और वास्तविक वैज्ञानिक शोध के बीच की दूरी को कम करते हैं, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए।
इच्छुक विद्यार्थी, शोधार्थी एवं शिक्षक इस निःशुल्क ऑनलाइन व्याख्यान में भाग ले सकते हैं। पंजीकरण हेतु सूचना/पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीकरण किया जा सकता है।
यह आयोजन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक विश्व-स्तरीय विज्ञान शिक्षा पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।


