उत्तराखंड होमगार्ड वर्दी घोटाला: एक करोड़ का सामान तीन करोड़ में खरीदा, गृह विभाग ने शुरू की जांच

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देहरादून। उत्तराखंड होमगार्ड विभाग में वर्दी और अन्य सामान की खरीद को लेकर सामने आए कथित घोटाले पर गृह विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। मामला सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और गंभीर भ्रष्टाचार से जुड़ा बताया जा रहा है।

डिप्टी कमांडेंट जनरल पर गंभीर आरोप

डिप्टी कमांडेंट जनरल अमिताभ श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के सामान की खरीद करीब तीन करोड़ रुपये में कराई। इस कथित घोटाले में सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।

विभागीय जांच में पुष्टि

कमांडेंट जनरल होमगार्ड पीवीके प्रसाद द्वारा कराई गई विभागीय जांच में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्होंने अमिताभ श्रीवास्तव को सेवा से बर्खास्त करने, उनसे दो करोड़ रुपये की रिकवरी कराने और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने की संस्तुति शासन को भेजी।

15 दिन पहले शासन को मिली थी सूचना

गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि करीब 15 दिन पूर्व कमांडेंट जनरल का पत्र शासन को प्राप्त हुआ था, जिसमें वर्दी खरीद में भारी गड़बड़ी का उल्लेख था। इसके बाद शासन स्तर पर अधिकारियों की एक टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच का दायरा वित्तीय वर्ष 2024-25 की खरीद तक सीमित रखा गया है।

दोबारा टेंडर से हुआ घोटाले का खुलासा

वर्ष 2025-26 में जब उन्हीं दरों पर दोबारा टेंडर निकाला गया, तो बाजार भाव और टेंडर दरों में बड़ा अंतर सामने आया। इस पर संदेह होने के बाद टेंडर निरस्त कर जांच के आदेश दिए गए। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर वर्दी की खरीद पर तत्काल रोक लगा दी गई।

तीन गुना कीमत पर खरीदा गया सामान

जांच में सामने आया कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से सामान बाजार भाव से लगभग तीन गुना कीमत पर खरीदा गया।

कुछ प्रमुख उदाहरण इस प्रकार हैं:

₹130 का डंडा: ₹375 में खरीदा गया

₹500 के जूते: ₹1500 में खरीदे गए

₹1200 की पैंट-शर्ट: ₹3000 में खरीदी गई

₹500 की जैकेट: ₹1580 में खरीदी गई

बाजार कोटेशन से हुई पुष्टि

कमांडेंट जनरल द्वारा बाजार से कोटेशन मंगवाने पर खरीद मूल्य और वास्तविक बाजार भाव में भारी अंतर सामने आया, जिससे घोटाले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो गई।

ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत

जांच में यह भी सामने आया है कि यह घोटाला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया। आशंका जताई जा रही है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

सीएम धामी की जीरो टॉलरेंस नीति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

होमगार्ड जवानों पर पड़ा असर

इस घोटाले का सीधा असर होमगार्ड जवानों पर पड़ा है। वर्दी की खरीद पर रोक लगने से जवानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण वर्दी और आवश्यक सामान नहीं मिल पा रहा है। यह मामला सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को उजागर करता है।

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