रानीखेत। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने बुधवार को राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज, मजखाली का निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने विद्यालय के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए हाईटेक शौचालय निर्माण हेतु 10 लाख रुपये स्वीकृत किए। साथ ही मध्यान्ह भोजन के लिए शेड निर्माण, फर्नीचर उपलब्ध कराने तथा क्षतिग्रस्त कक्षों के सुदृढ़ीकरण के लिए तत्काल आगणन तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर शिक्षण व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, विद्यालय भवनों की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय में संचालित उदीयमान खिलाड़ी योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों से भी जिलाधिकारी ने मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अनुशासन, नियमित अभ्यास और समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करना ही सफलता की कुंजी है।
विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने हाईटेक शौचालय निर्माण के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को स्वच्छ और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने भोजन करने के लिए शेड निर्माण और पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में भोजन कर सकें।
विद्यालय भवनों का निरीक्षण करने के दौरान जिलाधिकारी ने क्षतिग्रस्त कक्षों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और आपदा मद से उनके सुदृढ़ीकरण के लिए तत्काल विस्तृत आगणन तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा विद्यालय परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फेंसिंग कराने तथा शौचालयों के नियमित रखरखाव और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी चंदन सिंह बिष्ट, तहसीलदार दीपिका आर्या सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


