बलोचों ने बढ़ा दीं आसिम मुनीर की धड़कनें! BLA ने 84 सुरक्षाकर्मी मार गिराए, रात में ग्वादर पोर्ट पर किया अटैक
पाकिस्तान का दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान शनिवार को भीषण हिंसा और धमाकों से थर्रा उठा। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा पूरे प्रांत में एक साथ 12 से अधिक स्थानों पर किए गए सुनियोजित हमलों में कम से कम 10 पुलिस और सुरक्षाकर्मी तथा 70 से अधिक आम नागरिकों के मारे जाने की खबर है।
यह हमला पाकिस्तानी सेना द्वारा 41 आतंकवादियों को मारने के दावे के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
जेल तोड़कर कैदी रिहा, थाने से लूटे हथियार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंसा की सबसे बड़ी घटना मस्तुंग में हुई जहाँ बलूच लड़ाकों ने जेल पर हमला कर 30 कैदियों को छुड़ा लिया। वहीं, कई इलाकों में थानों को निशाना बनाकर भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार लूट लिए गए।
नुश्की से एक स्थानीय अधिकारी के अपहरण की भी सूचना है। बीएलए ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने सेना की प्रतिक्रिया को धीमा करने के लिए मुख्य राजमार्गों को भी अवरुद्ध कर दिया था।
क्वेटा, ग्वादर, पसनी और नुश्की जैसे प्रमुख शहरों में हुए इन हमलों के बाद पूरे प्रांत में अफरा-तफरी का माहौल है। सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में करीब 50 बलूच लड़ाकों के मारे जाने का भी दावा किया जा रहा है।
हिंसा के चलते रेल सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया है और कई क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। वर्तमान में सेना और आतंकवाद विरोधी इकाइयां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चला रही हैं।
BLA का दावा- 84 सुरक्षाकर्मी मारे गए
अब तक की जानकारी के मुताबिक, बलूच लिबरेशन आर्मी के हमलों में 27 सुरक्षाबलों की मौत हो चुकी है, जिसमें 12 सैनिक और 15 पुलिस के जवान हैं. हालांकि BLA ने दावा किया है कि उसके हमले में 84 पाकिस्तानी सुरक्षा बल मारे गए हैं.
सुबह 6 बजे से बलूच लिबरेशन आर्मी के हमलों में सबसे ज़्यादा प्रभावित राजधानी क्वेटा रही, जहां बलूच लड़ाकों ने सेना की इमारत में घुसकर हमले किए. क्वेटा में पुलिस थाने को भी बलूच लड़ाकों ने पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद फूंक दिया. इसी तरह क्वेटा में ही एक पुलिस की वैन को भी बलूच लड़ाकों ने रॉकेट लॉन्चर से निशाना बनाया, जिसमें सवार 2 पुलिसकर्मियों की मौके पर मौत हो गई. इसी तरह क्वेटा स्थित बलूचिस्तान विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज के बाहर तैनात सेना के सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के लिए बलूच लड़ाको ने रॉकेट लॉन्चर से प्रहार किया था.
क्वेटा सचिवालय के पास फिदायीन हमला
क्वेटा के सचिवालय के पास भी BLA के फिदायीन हमले की सीसीटीवी फुटेज एबीपी न्यूज़ के हाथ लगी है, जिसमें सुबह 9 बजकर 24 मिनट पर एक बलूच लड़ाके ने क्वेटा के रेड ज़ोन में सचिवालय के पास खुद को उड़ा लिया. इसी तरह ग्वादर स्थित सेना के एक बेस पर भी बलूच लड़ाकों ने भीषण हमला किया, जिसमें 3 सैनिकों और 5 बलूच लड़कों की मौत हो गई।
इतना ही नहीं क्वेटा को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाले हाईवे पर अभी भी 17 घंटे के बाद बलूच लड़ाके तैनात हैं. जानकारी के मुताबिक, शहर में शाम 4 बजे तक कुल 9 धमाके हुए हैं और अकेले क्वेटा में ही 7 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की ख़बर सामने आ रही है. साथ ही बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने भी क्वेटा में भारी सुरक्षा के बीच घटना स्थल का दौरा किया, जहां BLA ने सबसे पहले हमला किया था.
पाक आर्मी का दावा- BLA के 37 लड़ाके ढेर
BLA के हमले 28 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज क्वेटा के सरकारी अस्पताल में चल रहा है. साथ ही पाकिस्तान की सरकार ने मुठभेड़ में मारे गए बालूच लड़ाकों की संख्या अपडेट करके 37 बताई है. कुछ वीडियो पाकिस्तानी सेना ने जारी भी किए हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि BLA के लड़ाकों से पार पाने के लिए ग्वादर में सेना ने ड्रोन स्ट्राइक की और पशनी में मुठभेड़ में BLA के लड़ाकों को मार गिराया. हालांकि अभी भी सेना और BLA के बीच 12 शहरों में मुठभेड़ जारी है. BLA ने हमले के अलावा नोकुशी शहर के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद हुसैन और 8 CTD के अधिकारियों को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है साथ ही नोकुशी स्थित सीटीडी के मुख्यालय पर भी क़ब्ज़ा किया हुआ है.
BLA के हमलों ने बढ़ाई मुनीर की टेंशन
ऐसे में बलूचिस्तान की खानों में अमेरिका समेत अन्य देशों के विदेशी निवेश का पाकिस्तान का ख्वाब संकट में पड़ सकता है क्योंकि अमेरिका समेत सभी पश्चिमी देश सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ही निवेश करते हैं और पाकिस्तान के चीफ ऑफ़ डिफेंस फोर्सेज (CDF) जनरल आसिम मुनीर के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले साल बलूचिस्तान की रिको डिक ख़ान में निवेश के निमंत्रण के बाद इस समय अमेरिका की सरकार निवेश करने से पहल सुरक्षा पहलुओं का असेसमेंट कर रही थी।
ऐसे में आज बलूचिस्तान में हुआ BLA का हमला बलूचिस्तान की खानों में विदेशी निवेशों के रास्तों को बंद करने या फिर टालने के लिए तो काफी हैं.




















