मानवता की मिसाल: रानीखेत में जन सेवा समिति ने अज्ञात शव का कराया विधिवत अंतिम संस्कार

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मानवता की मिसाल : लावारिस शव का किया अंतिम संस्कार

रिपोर्टर बलवंत सिंह रावत 

रानीखेत में मानवता और सामाजिक सरोकार का एक मार्मिक उदाहरण सामने आया है। यहाँ जन सेवा समिति ने एक अज्ञात व्यक्ति के शव का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर समाज के लिए प्रेरणादायी कार्य किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस को खोलियोगांव के पास जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। शव लगभग एक से दो माह पुराना बताया जा रहा है और काफी सड़-गल चुका था। मृतक की आयु करीब 35 वर्ष आंकी गई है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को नागरिक चिकित्सालय रानीखेत में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के उपरांत शव को 72 घंटे तक शिनाख्त के लिए सुरक्षित रखा गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी पहचान नहीं हो सकी।

इसके बाद मानवता का परिचय देते हुए जन सेवा समिति के अध्यक्ष सतीश चन्द्र पांडे ने अपने दो साथियों के सहयोग से रानीखेत मुक्तिधाम में अज्ञात युवक का हिंदू रीति-रिवाज से विधिवत अंतिम संस्कार कराया। उन्होंने बताया कि मृतक की शिनाख्त न हो पाने के कारण यह निर्णय लिया गया, ताकि किसी लावारिस देह का अनादर न हो।

उल्लेखनीय है कि समाजसेवी सतीश चन्द्र पांडे पिछले लगभग 25 वर्षों से गरीब, असहाय और लावारिस शवों की अंत्येष्टि का कार्य निस्वार्थ भाव से करते आ रहे हैं। उनके इस सेवा कार्य की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है और लोग इसे सच्ची मानव सेवा का उदाहरण बता रहे हैं।

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