आपदा प्रबंधन को लेकर तहसील रानीखेत में संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन

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आपदा प्रबंधन को लेकर तहसील रानीखेत में संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन।

रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत 

रानीखेत। जिलाधिकारी अंशुल सिंह के निर्देशन में जनपद में संभावित प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु आज तहसील रानीखेत में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया एवं राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना रहा।

बता दे कि मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र की तत्परता एवं समन्वय क्षमता को परखा गया तथा भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप, बादल फटना, वन अग्नि, भूस्खलन, बाढ़, वाहन दुर्घटना आदि आपदा परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए तहसीलदार के नेतृत्व मे स्वास्थ्य विभाग, एसएसबी, वन विभाग, फायर ब्रिगेड व पुलिस विभाग टीम द्वारा गांधी चौक मे मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।

वही मॉकड्रिल के माध्यम से भूकम्प के कारण एक बिल्डिंग में फंसे बच्चों व लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वही एसएसबी जवानों द्वारा बिल्डिंग में फंसे बच्चों व लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। जिसके बाद घायल बच्चों व लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।

तहसीलदार दिपिका आर्या ने बताया कि रानीखेत में आज एक भूकंप की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसी क्रम में हमने एक भूकंप का परिदृश्य बनाया।

रानीखेत में गांधी चौक जैसे भीड़ भाड़ वाले इलाके में भूकंप प्रभावित क्षेत्र और घटना स्थल दिखाया और हमने अपनी ऑपरेशन और सर्च टीम के माध्यम से जिसमें एसएसबी, पुलिस के जवान, फायर टीम, टेक्निकल विभाग, स्वास्थ्य टीम और अन्य सभी लोग उपस्थित थे। इसमें 2 लोग मृत पाए गए, 6 लोग गंभीर रूप से घायल थे जिन्हें हमने हॉस्पिटल रेफर किया और 6 लोग सामान्य घायल थे जिन्हें हमने अपने राहत शिविर में दाखिल किया, तो उनका भी उपचार आदि चल सके।

उन्होने आमजन से अपील की, कि आपदा के समय घबराएं नहीं बल्कि धैर्य रखते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

इस अवसर पर तहसील, स्वास्थ्य विभाग, एसएसबी, वन विभाग, फायर ब्रिगेड व पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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