रानीखेत महाविद्यालय की बड़ी उपलब्धि: मानव–वन्यजीव संघर्ष पर शोध परियोजना पूर्ण, सरकार को सौंपी नीति रिपोर्ट

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रानीखेत स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना, उत्तराखंड 2023 के अंतर्गत संचालित एक शोध परियोजना सफलतापूर्वक पूर्ण हो गई है।

“समकालीन उत्तराखंड में मानव–वन्यजीव सह-अस्तित्व के विखंडन की चुनौतियाँ: जिम कॉर्बेट और रस्किन बॉन्ड के विशेष संदर्भ में” विषय पर आधारित इस परियोजना का शुभारंभ 19 फरवरी 2024 को प्रधान अन्वेषक डॉ. बरखा रौतेला द्वारा किया गया था।

लगभग दो वर्षों तक चले इस शोध कार्य के दौरान स्थानीय समुदाय, वन विभाग के अधिकारियों और शोधार्थियों के साथ व्यापक संवाद स्थापित किया गया, जिससे विषय की जटिलताओं को गहराई से समझने में मदद मिली। इस दौरान शोध सहायक गोपाल मंडल और भरत जोशी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

परियोजना के निष्कर्षों के आधार पर डॉ. बरखा रौतेला ने उत्तराखंड सरकार के लिए एक विस्तृत नीति दस्तावेज तैयार किया है, जिसमें मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए व्यवहारिक सुझाव और ठोस प्रस्ताव दिए गए हैं। शोध रिपोर्ट और नीति दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी 19 फरवरी 2026 को उच्च शिक्षा विभाग को प्रेषित कर दी गई है।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने इसे संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल शोध कार्यों को नई दिशा देगी, बल्कि समाज की ज्वलंत समस्याओं के समाधान में भी सहायक सिद्ध होगी।

उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे मानव–वन्यजीव संघर्ष के बीच यह शोध परियोजना एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जो भविष्य की नीतियों और रणनीतियों के निर्माण में उपयोगी साबित हो सकती है।

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