चंपावत से एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग बालिका के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की बात सामने आई है।
आरोप है कि इस मामले में एक स्थानीय राजनीतिक पदाधिकारी, जो भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा बताया जा रहा है, मुख्य आरोपी है।
पीड़िता बारात में शामिल होने गई थी, जहां उसके साथ यह जघन्य घटना होने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद जब वे शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे, तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की। इतना ही नहीं, पीड़िता और उसके पिता के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और मारपीट भी की गई।
इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि आरोपी के राजनीतिक प्रभाव के चलते पुलिस कार्रवाई से बच रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी और एसएसपी चंपावत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
मांग की जा रही है कि बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष जांच हो, एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
ऐसे संवेदनशील मामलों में लापरवाही न केवल न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती है। पीड़िता को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

