विधायक डाँक्टर प्रमोद नैनवाल ने करी प्रेस वार्ता कहा रानीखेत का जो रहा चहुमुखी विकास।
जिससे बौखलाकर पूर्व विधायक कर रहे है अनर्गल बातें
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने शनिवार को रानीखेत स्थित राजदीप होटल में प्रेस वार्ता कर पूर्व विधायक करण माहरा पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व विधायक क्षेत्र में हो रहे चहुंमुखी विकास को देखकर बौखला गए हैं और इसी कारण अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
गौरतलब है कि एक दिन पूर्व स्व. गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय के दौरे के दौरान पूर्व विधायक करण माहरा ने आरोप लगाया था कि वर्तमान विधायक द्वारा जिस एनआईसीयू मशीन का उद्घाटन किया गया, वह मशीन कई साल पुरानी है। इसके अलावा उन्होंने अन्य विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए थे।
इन आरोपों के जवाब में विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि उनकी डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में रानीखेत क्षेत्र में चिकित्सा, शिक्षा, सड़क और पेयजल के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जुलाई 2022 में एनआईसीयू की घोषणा की गई थी और तब से वह लगातार इसकी स्थापना के लिए प्रयासरत थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उद्घाटन के समय मशीनों की सील उनके सामने खोली गई थी।
उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक द्वारा विधायक निधि से बनाई गई कई सड़कें आज तक पूरी तरह उपयोगी नहीं हो पाई हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि कई सड़कों पर वाहन तक नहीं चल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले विकास कार्यों का श्रेय जनता को मिलना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति विशेष को।
विधायक ने बताया कि उनकी सरकार ने 200 करोड़ रुपये से अधिक की पंपिंग योजनाओं का शुभारंभ किया है। इसके अलावा डिजिटल एक्सरे, हेल्थ एटीएम, कलर डॉपलर अल्ट्रासाउंड मशीन, दूरबीन पद्धति ऑपरेशन किट सहित कई स्वास्थ्य सुविधाएं अस्पताल में शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि जल्द ही 1 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से बनी सीमा दीवार, स्टेडियम और भिकियासैंण झील जैसी योजनाओं का भी लोकार्पण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विधायक निधि जनता के टैक्स का पैसा होता है और उसका सही उपयोग होना चाहिए।
साथ ही बताया कि गंभीर मरीजों को हाईटेक एंबुलेंस के जरिए हल्द्वानी सहित उच्च अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है, जिसमें वार्ड बॉय और सहायक स्टाफ भी साथ भेजा जाता है ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

