अल्मोड़ा। उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत हवालबाग (अल्मोड़ा) में तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप का शुभारंभ किया गया। एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (EDII India) द्वारा आयोजित इस बूट कैंप का उद्देश्य अल्मोड़ा और बागेश्वर जनपदों के उच्च शिक्षण संस्थानों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उद्यमिता के प्रति प्रेरित कर स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ EDII अहमदाबाद के डॉ. अश्वनी तिवारी, बागेश्वर डिग्री कॉलेज की नोडल अधिकारी डॉ. पुष्पा पोखरियाल, जीपीजीसी मानिला के डॉ. जितेंद्र प्रसाद, जीडीसी कांडा के दिनेश कुमार तथा जीपीजीसी कपकोट की संगीता मैम ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उद्यमिता को भविष्य की आवश्यकता बताया।
तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप में अल्मोड़ा और बागेश्वर के विभिन्न महाविद्यालयों से 54 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान उद्यमी मानसिकता विकास, बिजनेस आइडिया सृजन, विपणन, ब्रांडिंग, ब्रेनस्टॉर्मिंग और आइडिया वैलिडेशन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा पांच सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। समूह गतिविधियों और व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों के कौशल को भी विकसित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में EDII इंडिया के प्रोजेक्ट ऑफिसर भूपेंद्र सिंह मेहरा, प्रोजेक्ट ऑफिसर विनोद नेगी तथा अल्मोड़ा के प्रोजेक्ट ऑफिसर महेंद्र सिंह रौतेला ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें नवाचार आधारित विचारों को सफल उद्यम में बदलने के लिए प्रेरित किया।
आयोजकों ने बताया कि राज्यभर में आयोजित इन बूट कैंपों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन आगामी छह दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) के लिए किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को शिक्षा पूर्ण होने के बाद स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना और राज्य में नवाचार आधारित स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना है।

