रानीखेत सिविल अस्पताल में जन औषधि केंद्र बंद होने से जनता परेशान, संयुक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन।
रिपोर्टर : बलवंत सिंह रावत
रानीखेत। रानीखेत स्थित स्व. गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय में संचालित जन औषधि केंद्र के लंबे समय से बंद होने के कारण स्थानीय लोगों और दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र बंद होने से मरीजों को बाजार से महंगी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे विशेष रूप से गरीब और कम आय वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
इस समस्या को लेकर शनिवार को महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री बिमला रावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त मजिस्ट्रेट दिक्षिता जोशी को ज्ञापन सौंपकर जन औषधि केंद्र को शीघ्र पुनः संचालित कराने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र आम जनता के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा था। यहां मरीजों को प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण दवाइयां बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम कीमत पर उपलब्ध हो जाती थीं। इससे गरीब, मजदूर, वरिष्ठ नागरिक और दूरस्थ गांवों से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलती थी। लेकिन पिछले कुछ समय से केंद्र बंद होने के कारण मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उनका इलाज प्रभावित हो रहा है।
महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री बिमला रावत ने संयुक्त मजिस्ट्रेट से आग्रह किया कि जनहित को देखते हुए संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर जन औषधि केंद्र को जल्द से जल्द दोबारा शुरू कराया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों का लाभ फिर से मिल सके।
संयुक्त मजिस्ट्रेट को सौंपे गए ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जन औषधि केंद्र का पुनः संचालन न केवल मरीजों की आर्थिक परेशानी कम करेगा, बल्कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुनीता डाबर, जिला मंत्री कु. रेखा आर्या तथा जिला कार्यकारिणी सदस्य अन्नू सोयंकर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।


