कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बसें रोकने का आरोप, एसएसपी ऑफिस में धरने पर बैठे गोदियाल और यशपाल आर्य
बसें रोके जाने से भड़की कांग्रेस, प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल और यशपाल आर्य एसएसपी ऑफिस में धरने पर बैठे
हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में प्रस्तावित रैली से पहले शहर का सियासी माहौल गरमा गया। रैली में शामिल होने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से आ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बसों को पुलिस प्रशासन द्वारा जगह-जगह रोके जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और कार्यालय परिसर के अंदर ही धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बसों के माध्यम से हल्द्वानी पहुंच रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा इन बसों को शहर में प्रवेश से पहले अलग-अलग स्थानों पर रोका जा रहा है। कांग्रेस ने इसे कार्यकर्ताओं को रैली में पहुंचने से रोकने की कोशिश बताया।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस और प्रशासन पर सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और बसों की आवाजाही में बाधा डाली जा रही है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग हटाकर रैली में आने वाली कार्यकर्ताओं की बसों को आगे जाने के निर्देश दिए गए। कांग्रेस नेताओं ने बसों को बिना अनावश्यक चेकिंग के आगे आने देने की मांग रखी, जिस पर पुलिस प्रशासन ने आवश्यक निर्देश जारी किए।
पुलिस की ओर से बसों को आगे जाने की अनुमति दिए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इसके साथ ही एसएसपी कार्यालय में चल रहा विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ।
खड़गे की रैली से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम ने हल्द्वानी की सियासत को और गरमा दिया है। कांग्रेस ने जहां इसे कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश करार दिया है, वहीं पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के मद्देनजर की जा रही व्यवस्थाओं को लेकर तस्वीर सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।


