रानीखेत में पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के योमे पैदाइश पर निकला सद्भावना मार्च, दिया अमन-चैन और भाईचारे का संदेश

रानीखेत में पैगम्बर साहब के योमे पैदाइश पर निकला सद्भावना मार्च, अमन-भाईचारे का दिया संदेश

रिपोर्टर — बलवन्त सिंह रावत 

रानीखेत। पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के योमे पैदाइश के मुबारक मौके पर बुधवार को रानीखेत में मुस्लिम समाज की ओर से सद्भावना मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान देश प्रेम, आपसी भाईचारे, शांति, सामाजिक सौहार्द और देश की एकता-अखंडता का संदेश दिया गया। साथ ही ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश देकर बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के प्रति समाज को जागरूक करने का आह्वान किया गया।

सद्भावना मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने देश में अमन-चैन और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में देश की एकता और अखंडता के साथ ही देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों के सम्मान और उनकी सलामती के लिए भी दुआ की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में शांति, प्रेम और सद्भाव बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मरीजों को वितरित किए फल

सद्भावना मार्च के उपरांत मुस्लिम समाज के लोग गोविंद सिंह माहरा नागरिक चिकित्सालय, रानीखेत पहुंचे। यहां अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। इस दौरान सेवा कार्य के माध्यम से मानवता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करना समाज को जोड़ने और आपसी संवेदनाओं को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इस अवसर पर जामा मस्जिद के पेश इमाम मोहम्मद इंतजार राजा ने देश की सलामती, देश के सैनिकों की सुरक्षा, आपसी भाईचारे तथा हिंदुस्तान और रानीखेत शहर के सभी लोगों की सेहत, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ की। उन्होंने कहा कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाएं मानवता, प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश देती हैं। समाज में इन मूल्यों को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है।

प्रशासन और शहरवासियों का जताया आभार

जामा मस्जिद के सदर मो. इरफान ने सद्भावना मार्च और सेवा कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए प्रशासन, पुलिस विभाग, अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्टॉफ तथा रानीखेत शहरवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रानीखेत की पहचान हमेशा आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के लिए रही है। इस परंपरा को आगे भी कायम रखना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने और जरूरतमंदों की सेवा करने का प्रयास किया जाता रहेगा। कार्यक्रम में देश की एकता, अखंडता और आपसी सद्भाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।

बच्चों ने दीनी क्विज में लिया हिस्सा

सद्भावना मार्च के बाद जामा मस्जिद में बच्चों के लिए दीनी क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों से धार्मिक, नैतिक और ज्ञानवर्धक विषयों से जुड़े सवाल पूछे गए। बच्चों ने उत्साह के साथ सवालों के जवाब दिए।

इसके बाद जामा मस्जिद में आम न्याज (लंगर) का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भोजन ग्रहण किया। आयोजन के दौरान लोगों के बीच आपसी मेल-जोल और भाईचारे की भावना देखने को मिली।

पैगम्बर साहब की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास

मुस्लिम समाज की ओर से आयोजित इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं में निहित प्रेम, मानवता, शांति, सेवा और भाईचारे के संदेश को समाज तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में बेटियों की शिक्षा और सम्मान, देश की एकता-अखंडता, सैनिकों की सुरक्षा तथा समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया।

आयोजन के समापन पर देश की खुशहाली, अमन-चैन, आपसी भाईचारे और रानीखेत के सभी लोगों की सुख-समृद्धि एवं अच्छे स्वास्थ्य के लिए सामूहिक रूप से दुआ की गई।

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