आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत में आयोजित कार्यशाला में सात विद्यालयों के करीब 60 शिक्षकों ने किया प्रतिभाग

सीबीएसई की वैल्यू एजुकेशन कार्यशाला में शिक्षकों ने सीखे मूल्य-आधारित शिक्षा के प्रभावी तरीके

रिपोर्टर — बलवन्त सिंह रावत 

रानीखेत। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के तत्वावधान में आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत में वैल्यू एजुकेशन (मूल्य शिक्षा) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में आर्मी पब्लिक स्कूल सहित क्षेत्र के सात विद्यालयों के करीब 60 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को विद्यार्थियों में मानवीय एवं नैतिक मूल्यों के विकास के साथ-साथ जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के प्रभावी तरीकों से परिचित कराना रहा।

कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को बताया गया कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम संबंधी ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार, संवेदनशील और बेहतर नागरिक के रूप में तैयार करना भी है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए मूल्य शिक्षा को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

सत्र में विभिन्न गतिविधियों, संवादात्मक अभ्यासों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से शिक्षकों को मूल्य-आधारित शिक्षा को कक्षा-कक्ष तथा विद्यार्थियों के दैनिक जीवन में प्रभावी ढंग से लागू करने के तरीके समझाए गए। शिक्षकों ने गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करते हुए यह भी समझा कि विद्यार्थियों में सहयोग, अनुशासन, ईमानदारी, सहानुभूति, जिम्मेदारी और दूसरों के प्रति सम्मान जैसे गुण किस प्रकार विकसित किए जा सकते हैं।

कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन-1 कमलेश जोशी, प्रधानाचार्य, आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत तथा रिसोर्स पर्सन-2 हिमांशु जोशी, GRD स्कूल रुद्रपुर ने अपने अनुभव और विशेषज्ञता से शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। दोनों रिसोर्स पर्सन्स ने मूल्य शिक्षा को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि नैतिक एवं मानवीय मूल्यों का विकास केवल पुस्तकीय ज्ञान से संभव नहीं है। इसके लिए विद्यालयी वातावरण, शिक्षक का व्यवहार और दैनिक गतिविधियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करने, व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से मूल्यों को समझाने तथा कक्षा की विभिन्न गतिविधियों में मूल्य-आधारित दृष्टिकोण को शामिल करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यालयों में मूल्य शिक्षा को और अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाने के संबंध में विचार भी प्रस्तुत किए।

प्रतिभागी शिक्षकों ने कार्यशाला को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से उन्हें विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए नए दृष्टिकोण और व्यवहारिक तरीके सीखने का अवसर मिलता है।

कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागी शिक्षकों ने कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान, अनुभव और सीख को अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों के हित में प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।

आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों की क्षमता वृद्धि के साथ विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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