रानीबाग चित्रेश्वर महादेव मंदिर विवाद: कथित अतिक्रमण और श्रद्धालुओं पर हमले के आरोप, कत्युरी राजवंश समाज ने SSP से की FIR दर्ज करने की मांग

हल्द्वानी। रानीबाग स्थित पौराणिक श्री चित्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। समस्त पहाड़ी कत्युरी राजवंश समाज के प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल से मुलाकात कर मंदिर परिसर में कथित अतिक्रमण, मंदिर के धार्मिक स्वरूप से छेड़छाड़ तथा 29 अगस्त को दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट और पथराव की घटना को लेकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

कत्युरी राजवंश समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस को दिए प्रार्थना-पत्र में हेमंत कुमार गुप्ता उर्फ भैय्यु पर मंदिर परिसर एवं उससे संबंधित भूमि पर कथित कब्जा और अतिक्रमण करने के आरोप लगाए हैं। प्रतिनिधियों का कहना है कि मंदिर की दीवारों एवं परिसर में लोहे के एंगल और कीलें लगाए जाने से मंदिर के मूल एवं पौराणिक स्वरूप में हस्तक्षेप किया गया है। उन्होंने पूरे मामले में मौके का निरीक्षण कर कथित अतिक्रमण एवं निर्माण से जुड़े साक्ष्य सुरक्षित करने की मांग की है।

राजस्व अभिलेखों और देवस्थान रिकॉर्ड की जांच की मांग

प्रार्थना-पत्र में कहा गया है कि चित्रेश्वर महादेव मंदिर एक प्राचीन एवं पौराणिक धार्मिक स्थल है, जिससे कुमाऊं-गढ़वाल सहित पूरे क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। कत्युरी समाज के प्रतिनिधियों ने संबंधित भूमि के राजस्व रिकॉर्ड, खतौनी, खसरा, नक्शा एवं देवस्थान से जुड़े अन्य अभिलेखों की जांच कराने और उन्हें तत्काल सुरक्षित करने की मांग उठाई है।

महापंचायत के बाद दर्शन करने पहुंचे थे श्रद्धालु

कत्युरी समाज के अनुसार 29 अगस्त 2026 को रानीबाग स्थित सामुदायिक सेवा सदन में कत्युरी समाज की महापंचायत आयोजित की गई थी। महापंचायत समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोग परमेश्वर महाराज, जिया रानी और श्री चित्रेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे थे।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने भंडारे से संबंधित सामग्री और गंदगी रखी हुई थी। प्रवेश द्वार को कथित रूप से गंदे कपड़े से ढका गया था तथा जूते-चप्पल और भोजन बनाने की सामग्री के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन और परिक्रमा करने में बाधा उत्पन्न हो रही थी।

रास्ता साफ करने को लेकर विवाद, मारपीट और पथराव के आरोप

प्रतिनिधियों का आरोप है कि श्रद्धालुओं ने दर्शन एवं परिक्रमा मार्ग को सुगम बनाने के लिए प्रवेश द्वार पर लगा कपड़ा हटाया, जिसके बाद वहां विवाद उत्पन्न हो गया। आरोप लगाया गया है कि हेमंत कुमार उर्फ भैय्यु ने वहां मौजूद लोगों को उकसाया, जिसके बाद श्रद्धालुओं के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई।

कत्युरी समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने भंडारे में रखे भारी एवं धारदार बर्तनों सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल कर समाज के लोगों पर हमला किया, जिसमें कई लोगों के घायल होने की बात कही गई है। तहरीर में घटना के दौरान पुलिस विभाग की एक महिला कर्मचारी के भी घायल होने की जानकारी होने का उल्लेख किया गया है।

समाज ने पुलिस से सभी घायल व्यक्तियों के मेडिकल परीक्षण एवं मेडिकल रिपोर्ट को जांच में शामिल करने की मांग की है।

CCTV और सोशल मीडिया वीडियो सुरक्षित करने की मांग

कत्युरी राजवंश समाज ने घटना से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित करने की मांग की है। प्रतिनिधियों का कहना है कि घटनास्थल के CCTV कैमरों, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो, फोटो और सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो से पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

उन्होंने पुलिस से मंदिर परिसर और आसपास के प्रतिष्ठानों एवं घरों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित करने, वीडियो और फोटो को कब्जे में लेने तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने की मांग की है।

धार्मिक स्थल के स्वरूप में हस्तक्षेप की निष्पक्ष जांच की मांग

प्रार्थना-पत्र में कहा गया है कि यदि जांच के दौरान मंदिर की संरचना अथवा धार्मिक स्वरूप को नुकसान पहुंचाने या उसमें जानबूझकर हस्तक्षेप करने के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

इसके साथ ही मारपीट, चोट पहुंचाने, धारदार वस्तुओं के इस्तेमाल, भीड़ द्वारा हमला, रास्ता रोकने, धमकी देने अथवा अन्य आपराधिक घटनाओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

प्रतिनिधियों ने पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही भविष्य में मंदिर परिसर में किसी प्रकार का विवाद या हिंसा न हो तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक पुलिस एवं निरोधात्मक कार्रवाई किए जाने की भी मांग की गई है।

मौका-मुआयना और पंचनामा कराने की मांग

कत्युरी समाज ने पुलिस से मंदिर परिसर का तत्काल मौका-मुआयना कराने, वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कराने और मंदिर की दीवारों पर लगे कथित लोहे के एंगल, कीलों तथा अन्य संरचनाओं की जांच कर पंचनामा तैयार करने की मांग की है।

इसके अलावा संबंधित भूमि के स्वामित्व, राजस्व रिकॉर्ड और देवस्थान संबंधी अभिलेखों की सक्षम विभागों से जांच कराने तथा कथित अवैध अतिक्रमण या निर्माण पाए जाने पर संबंधित सक्षम प्राधिकारी को कार्रवाई के लिए सूचित करने की मांग भी उठाई गई है।

इस दौरान हरीश रावत, मनोहर मनराल, सीता रावत, राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर, कविता जीना, राजेंद्र मनराल, रमेश मनराल, चंदन मनराल, मृदुल मनराल, गिरधर रावत, कमलेश जेठी, हरेंद्र राणा, गीता बिष्ट, संजय जोशी, देवेंद्र सलाकोटी, लीला देवी और ललित मोहन मनराल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

समाचार में लगाए गए आरोप प्रार्थना-पत्र में किए गए दावों पर आधारित हैं। मामले में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।

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