सीमांत मुख्यालय रानीखेत में भक्तिभाव से हुई भगवान विश्वकर्मा की पूजा।
भगवान विश्वकर्मा की पूजा से गूंजा सीमांत मुख्यालय, हवन-यज्ञ कर मांगी सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना
रिपोर्टर — बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। सीमांत मुख्यालय परिसर में गुरुवार को निर्माण एवं शिल्पकला के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विधि-विधान के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में मुख्यालय के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और बलकर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भगवान विश्वकर्मा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान भगवान विश्वकर्मा का विधिवत पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि और संगठन के कार्यों में सफलता की कामना की गई।
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर सीमांत मुख्यालय में उपयोग किए जाने वाले वाहनों, मशीनरी और विभिन्न तकनीकी उपकरणों की भी विशेष पूजा की गई। अधिकारियों एवं जवानों ने अपने कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके सुचारु एवं सुरक्षित संचालन की कामना की। इस दौरान देश की समृद्धि, सुरक्षा और बल के कार्यों के निर्विघ्न संचालन के लिए भी प्रार्थना की गई।
हवन-पूजन के उपरांत भगवान विश्वकर्मा की आरती की गई तथा पूर्णाहुति संपन्न कराई गई। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और बलकर्मियों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान मुख्यालय परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।
आयोजन में सीमांत मुख्यालय के समस्त अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों एवं बलकर्मियों ने पूर्ण समर्पण भाव से सहभागिता की। सभी ने भगवान विश्वकर्मा से संगठन के कार्यों में निरंतर प्रगति, सुरक्षा एवं सफलता की कामना की। आयोजन को सफल बनाने में मुख्यालय के कार्मिकों का विशेष योगदान रहा।





