रानीखेत में 137वें नंदा-सुनंदा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, प्राण प्रतिष्ठा के बाद उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

मां नंदा -सुनंदा की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के साथ 137वां नंदा सुनंदा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ।

रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत 

रानीखेत। शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त में मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के साथ रानीखेत में 137वें नंदा-सुनंदा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रातःकाल से ही मां के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने मां नंदा-सुनंदा के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद विधि-विधान से हवन एवं अनुष्ठान संपन्न कराया गया। धार्मिक आयोजनों के साथ ही महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें अंतरविद्यालयी समूह लोकनृत्य प्रतियोगिता और महिलाओं की छपेली नृत्य प्रतियोगिता प्रमुख आकर्षण रहे।

महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसएसबी के सेवानिवृत्त सेनानायक दीप पांडे ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 137 वर्षों से आयोजित हो रहा नंदा-सुनंदा महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने महोत्सव के माध्यम से लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

सांस्कृतिक मंच पर आयोजित अंतरविद्यालयी समूह लोकनृत्य प्रतियोगिता दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

सब-जूनियर वर्ग में स्प्रिंग फील्ड पब्लिक स्कूल ने प्रथम, सरस्वती शिशु मंदिर ने द्वितीय तथा रीना चिल्ड्रंस एकेडमी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

वहीं जूनियर वर्ग में छावनी इंटर कॉलेज प्रथम, गोविंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल द्वितीय तथा रीना चिल्ड्रंस एकेडमी तृतीय स्थान पर रहा।

महिलाओं की छपेली प्रतियोगिता में खनिया की टीम प्रथम

महोत्सव में दूसरी बार आयोजित महिलाओं की छपेली नृत्य प्रतियोगिता में भी महिलाओं ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। प्रतियोगिता में जय गोलू देवता महिला समूह, खनिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मां नंदा-सुनंदा महिला समिति ने द्वितीय तथा नारी शक्ति ने तृतीय स्थान हासिल किया।

विजेता प्रतिभागियों को सांस्कृतिक संयोजक विमल सती ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिताओं के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम में समिति संरक्षक हरीश लाल साह, अध्यक्ष गौरव भट्ट, गौरव तिवारी, परम मेहरा, अभिषेक कांडपाल, नेहा माहरा, रीना वर्मा और रामेश्वर गोयल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दीपक पंत ने किया, जबकि निर्णायक की भूमिका मो. आदिल और दीपक रावत ने निभाई।

महोत्सव के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों ने रानीखेत की समृद्ध लोक परंपरा और मां नंदा-सुनंदा के प्रति लोगों की गहरी आस्था को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

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