पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर में वित्तीय एवं कर नियोजन पर विशेषज्ञ व्याख्यान, विद्यार्थियों को सिखाए बचत, निवेश और कर प्रबंधन के गुर

पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉ. विकास अग्रवाल ने दिए व्यावहारिक वित्तीय प्रबंधन के सुझाव

वित्तीय एवं कर नियोजन पर विशेषज्ञ व्याख्यान

रामनगर। पी.एन.जी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामनगर के वाणिज्य संकाय की ओर से विद्यार्थियों में वित्तीय जागरूकता और व्यावहारिक वित्तीय समझ विकसित करने के उद्देश्य से “Financial and Tax Planning” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को वित्तीय नियोजन, नियमित बचत, निवेश, कर नियोजन, वित्तीय सुरक्षा और सेवानिवृत्ति की तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आम्रपाली विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के डॉ. विकास अग्रवाल रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को धन सृजन एवं उसके प्रभावी प्रबंधन, कर नियोजन एवं अनुकूलन, विभिन्न निवेश रणनीतियों, वित्तीय सुरक्षा तथा सेवानिवृत्ति नियोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि वित्तीय सफलता केवल अधिक आय अर्जित करने पर निर्भर नहीं करती, बल्कि आय का सही प्रबंधन, नियमित बचत, समझदारीपूर्ण निवेश और प्रभावी कर नियोजन भी इसके महत्वपूर्ण आधार हैं।

डॉ. विकास अग्रवाल ने विद्यार्थियों को समझाया कि कम उम्र से ही वित्तीय लक्ष्यों को निर्धारित कर उनके अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से बचत एवं निवेश किया जाना चाहिए। उन्होंने दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए निवेश की योजना बनाने तथा आर्थिक जोखिमों से बचाव के लिए वित्तीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। व्याख्यान के दौरान उन्होंने कई व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों की वित्तीय अवधारणाओं को स्पष्ट किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मोहन चंद्र पांडे ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान आर्थिक परिवेश में प्रत्येक विद्यार्थी के लिए वित्तीय साक्षरता बेहद आवश्यक है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अपने भविष्य से जुड़े वित्तीय निर्णय लेने की समझ भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ वास्तविक जीवन में वित्तीय निर्णय लेने की व्यावहारिक समझ प्रदान करते हैं।

वाणिज्य विभाग के विभाग प्रभारी प्रो. सी. एस. जोशी ने कहा कि वित्तीय एवं कर नियोजन आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसकी जानकारी विद्यार्थियों को न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि भविष्य के व्यावसायिक जीवन में भी आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि सही समय पर बचत, निवेश और कर नियोजन की जानकारी व्यक्ति को आर्थिक रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि वाणिज्य विभाग भविष्य में भी विद्यार्थियों को उद्योग एवं वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों से जोड़ने वाले कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने निवेश के विभिन्न विकल्पों, कर बचत, वित्तीय योजना, बचत की आदत विकसित करने और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे। मुख्य वक्ता डॉ. विकास अग्रवाल ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया। इससे विद्यार्थियों को वित्तीय निर्णयों से जुड़े विषयों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. सी. एस. जोशी ने किया। इस अवसर पर IQAC समन्वयक प्रो. सी. एस. नेगी, करियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल प्रभारी डॉ. पंकज प्रियदर्शी, वाणिज्य विभाग के डॉ. विजय कुमार, डॉ. विवेक अग्रवाल सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

विशेषज्ञ व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को वित्तीय अनुशासन, योजनाबद्ध बचत, समझदारीपूर्ण निवेश, कर नियोजन और सुरक्षित आर्थिक भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में वित्तीय निर्णयों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य के लिए बेहतर आर्थिक योजना बनाने के प्रति प्रेरित किया।

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