देहरादून। रायपुर थाना हवालात में पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की मौत के मामले में पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ गई है।
रिपोर्ट के अनुसार मौत की वजह फांसी लगना बताई गई है, जिसे फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने ‘पार्शियल हैंगिंग’ (आंशिक फांसी) बताया है।
जानकारी के मुताबिक, मृतक की गर्दन की हड्डी टूटने से उसकी मौत हुई। आगे की जांच के लिए बिसरा सुरक्षित कर फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
गौरतलब है कि शनिवार दोपहर एक पेट्रोल पंप पर हंगामे के बाद पुलिस ने पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी को हिरासत में लिया था। देर रात हवालात में उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, सुनील ने चादर का एक हिस्सा फाड़कर हवालात के गेट से लटककर फांसी लगा ली।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, पार्शियल हैंगिंग की स्थिति में शरीर का पूरा वजन फंदे पर नहीं होता, बल्कि व्यक्ति का कोई हिस्सा जैसे घुटने या पैर जमीन को छूते रहते हैं। इस स्थिति में भी गर्दन पर दबाव पड़ने से गंभीर चोट या मौत हो सकती है।
मामले के बाद पुलिस हिरासत में मौत को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने ड्यूटी के दौरान लापरवाही और पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार न करने पर उप निरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, मृतक के पास से एक नकली पिस्टल भी बरामद हुई है, जिससे वह लोगों पर रौब दिखाता था। इसी को लेकर पेट्रोल पंप कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी थी।
बताया जा रहा है कि करीब एक महीने पहले भी सुनील रतूड़ी का लच्छीवाला टोल प्लाजा पर पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद डोईवाला थाना पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि हुई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

