अल्मोड़ा में आतंक का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद, लोगों ने ली राहत की सांस

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अल्मोड़ा। मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से दहशत का कारण बना गुलदार आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया।

मंगलवार तड़के लगाए गए पिंजरे में गुलदार फंसते ही स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

पिछले कई दिनों से शहर के विभिन्न मोहल्लों में गुलदार की सक्रियता बढ़ गई थी। शाम ढलते ही लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे थे। बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग ने पुलिस लाइन क्षेत्र के पास पिंजरा लगाया था, जिसमें मंगलवार सुबह गुलदार कैद हो गया।

रेस्क्यू सेंटर में कराया गया शिफ्ट

वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम ने बताया कि पकड़े गए गुलदार को एनटीडी रेस्क्यू सेंटर लाया गया है। यहां उसके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गुलदार नर है और उसकी उम्र लगभग सात से आठ वर्ष आंकी जा रही है।

वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अकेले सुनसान स्थानों पर न जाने की अपील की है।

ताकुला ब्लॉक में अब भी दहशत

इधर, ताकुला ब्लॉक की ग्राम पंचायत पोखरी में गुलदार का आतंक कम नहीं हुआ है। यहां हाल ही में एक और पालतू मवेशी को गुलदार ने अपना शिकार बना लिया, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए है।

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