हल्द्वानी। गौलापार के पश्चिमी खेड़ा में 10 साल के अमित मौर्य की जघन्य हत्या का खुलासा नहीं होने से लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। बुधवार को गुस्साए लोगों ने काठगोदाम थाने पर प्रदर्शन और फिर नैनीताल रोड स्थित मल्ली पुलिस चौकी को घेर लिया।
सुबह साढ़े नौ से दोपहर डेढ़ बजे तक जमकर नारेबाजी कर आरोपियों को फांसी देने की मांग की। दोपहर 1.30 बजे सीओ के समझाने के बाद भी जब भीड़ नहीं मानी तो पुलिस ने लाठियां भांजकर सबको काठगोदाम चौराहे तक खदेड़ा।
मूलरूप से बरेली के ग्राम अमोरा निवासी खूबकरन मौर्य बीते 15 साल से गौलापार के पश्चिम खेड़ा में बंटाईदारी करता था। सोमवार दोपहर उसका दस वर्षीय बेटा अमित मौर्य 50 रुपये लेकर कोल्डड्रिंक लेने गया था और फिर नहीं लौटा।
मंगलवार सुबह पड़ोस के ही मकान के पास उसका सिर कटा शव गड्ढे से बरामद हुआ। हत्यारोपी सहित उसके परिवार को हिरासत में लेने के बाद भी पुलिस अब तक अमित का सिर और हाथ बरामद नहीं कर सकी है।
दो दिन बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं होने से लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार सुबह पश्चिम खेड़ा से तीन किलोमीटर पैदल चलकर सैकड़ों लोग काठगोदाम थाने पहुंचे।
यहां उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद नैनीताल रोड के मल्ली पुलिस चौकी पहुंचकर सड़क जाम कर दी। इससे वहां वाहनों की कतार लग गई। इसके बाद उन्होंने चौकी में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी किया।
सूचना पर हल्द्वानी, मुखानी, लालकुआं, काठगोदाम थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। । कई दौर की वार्ता विफल रही। प्रदर्शनकारी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाए। डेढ़ बजे सीओ नितिन लोहनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वार्ता कर सभी को समझाने का प्रयास किया।
इसके बाद भी जब लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ तो पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को खदेड़ना शुरू कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे दो लोगों को हिरासत में लिया जिन्हें थोड़ी देर बाद ही छोड़ दिया। सवा दो बजे पुलिस टीम ने फिर से घटनास्थल पहुंचकर अमित के सिर और हाथ की तलाश शुरू की।
डेढ़ बजे जब पुलिस ने लाठियां भांजी तो वहां भगदड़ मच गई। इसमें वहां खड़े दोपहिया वाहन गिर गए। कई लोग चोटिल भी हुए। भागने के दौरान कई लोगों की चप्पल भी छूट गई। पौने दो बजे तक चौकी से सारी भीड़ छंट चुकी थी।
अमित को न्याय दिलाने की मांग के लिए बुधवार को चार घंटे पुलिस चौकी में हंगामा होता रहा। हल्द्वानी कोतवाल, मुखानी थानेदार और एसओजी सुबह से वहां जमे रहे।
दोपहर एक बजे लालकुआं विधायक के पहुंचने के पहले लालकुआं के इंस्पेक्टर पहुंचे। चार घंटे तक चले हंगामे के बाद डेढ़ बजे सीओ नितिन लोहनी वहां आए। इस दौरान दो बजे तक पुलिस चौकी में कोई भी बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा।
मॉब लिचिंग की आशंका के बीच आरोपियों को किसी तरह चौकी से निकाला
जिस समय सैकड़ों लोग पुलिस चौकी के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। उस समय हत्यारोपी और उसके परिवार के लोग अंदर बंद थे। प्रदर्शनकारी न्याय पर अड़े थे और आरोपी को फांसी देने की मांग उठा रहे थे।
भीड़ का गुस्सा देखकर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। मॉब लिचिंग की आशंका के बीच सीओ चौकी पहुंचे और भीड़ छंटने के बाद आरोपियों को वहां से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया।
चार घंटे तक जाम से जूझा रानीबाग से भुजियाघाट
प्रदर्शनकारियों ने चार घंटे में दो बार पांच से दस मिनट के लिए जाम लगा दिया। कुछ मिनट का जाम कई घंटे तक असर छोड़ गया। पहाड़ पर भी पहाड़ी दरकने, मलबा आने से मार्ग बाधित हो रहा था। ऐसे में सुबह से लेकर शाम तक नैनीताल मार्ग जाम से जूझा।
सुचारु यातायात के लिए पुलिस को पसीना बहाना पड़ गया। मल्ली चौकी के सामने की सड़क सीधे पहाड़ पर जाती है। यहां से रानीबाग, भुजियाघाट होकर वाहन सवार नैनीताल और भीमताल के साथ ही कैंची धाम जाते हैं। भीड़ होने की वजह से भी कई बार वाहनों को रोकना पड़ गया।
