रानीखेत में SIR प्रक्रिया पर गरमाई सियासत, मतदाता सूची पर लगी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की उठी मांग
कुछ आपत्तिकर्ताओं ने कहा- गुमराह कर दर्ज कराई गईं आपत्तियां, कांग्रेस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगाए फर्जी आपत्तियों के आरोप
रानीखेत– बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में दर्ज नामों को लेकर लगाए गए आपत्तियों के मामलों ने रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
बुधवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय में आयोजित बैठक में आपत्तियों से प्रभावित मतदाताओं, आपत्तिकर्ताओं तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर अपना पक्ष रखा।
बैठक के दौरान कई मतदाताओं ने उन आपत्तियों पर गंभीर सवाल उठाए, जिनके आधार पर उनके नामों अथवा पात्रता को चुनौती दी गई है। कुछ आपत्तिकर्ताओं ने स्वयं संयुक्त मजिस्ट्रेट के समक्ष स्वीकार किया कि उन्हें गुमराह कर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। उनका कहना था कि गलत और भ्रामक जानकारी देकर उनसे आवेदन कराए गए, जिससे क्षेत्र में अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने का खतरा पैदा हुआ।
बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ ऐसे लोग उपस्थित नहीं हुए जिन्होंने मतदाताओं के नाम अथवा पात्रता को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इस पर संबंधित मतदाताओं ने प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची की शुद्धता आवश्यक है, लेकिन किसी भी नागरिक के मताधिकार को प्रभावित करने के लिए झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
प्रभावित मतदाताओं ने प्रशासन से मांग की कि यदि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर गलत, भ्रामक या बेबुनियाद आपत्ति दर्ज कराई है तो उसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ निर्वाचन कानूनों और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। कुछ मतदाताओं ने झूठी आपत्तियां दर्ज कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग भी उठाई।
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
इस दौरान रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने भी SIR प्रक्रिया के दौरान दर्ज कराई गई आपत्तियों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के BLA-1, BLA-2 तथा उनके कार्यकर्ताओं द्वारा बदनीयती के साथ कथित रूप से फर्जी और बेबुनियाद आपत्तियां लगाई गई हैं। कांग्रेस ने कहा कि ऐसे प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों के खिलाफ हैं।
बैठक में मौजूद कांग्रेस के BLA-1 और BLA-2 प्रतिनिधियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का मताधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त मूल लोकतांत्रिक अधिकार है और इसकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्राप्त सभी आपत्तियों की निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर जांच की जाए तथा पर्याप्त सत्यापन और वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए बिना किसी भी मतदाता का नाम प्रभावित न किया जाए।
लोकतंत्र की बुनियाद है मतदाता सूची
कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है और इसमें किसी भी प्रकार की मनमानी, पक्षपातपूर्ण कार्रवाई अथवा राजनीतिक दुर्भावना के आधार पर हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा पात्र मतदाताओं के मताधिकार की सुरक्षा करने की मांग की।
बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी पक्षों की बात सुनी और आश्वासन दिया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक आपत्ति का परीक्षण तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा, ताकि किसी भी पात्र मतदाता के अधिकार प्रभावित न हों और मतदाता सूची की शुद्धता भी बनी रहे।







