रानीखेत के विद्यार्थियों को वैश्विक वैज्ञानिकों से जोड़ने की पहल को राष्ट्रीय सराहना, डॉ. भारत पांडे को मिला ‘लेटर ऑफ अप्रिसिएशन’

हिमालयी अंचल में विज्ञान की नई चेतना: डॉ. भारत पांडे के प्रयासों को भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट ने सराहा

नोबेल पुरस्कार विजेताओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों तक—रानीखेत के विद्यार्थियों को वैश्विक विज्ञान मंच से जोड़ने की पहल को मिला प्रशंसा पत्र

नोबेल पुरस्कार विजेताओं के व्याख्यानों से लेकर क्वांटम विज्ञान और ब्रह्मांड पर विशेष लेक्चर सीरीज तक, पर्वतीय क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए खोले विज्ञान के नए द्वार

रानीखेत में विज्ञान लोकप्रियकरण की पहल को राष्ट्रीय सराहना

रानीखेत। उत्तराखंड के पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक विश्वस्तरीय विज्ञान, वैज्ञानिक सोच और प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के अनुभवों की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत की एक महत्वपूर्ण पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। महाविद्यालय के विज्ञान लोकप्रियकरण प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. भारत पांडे को वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने, अकादमिक सहभागिता को मजबूत करने तथा विद्यार्थियों और प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट, कोलकाता द्वारा ‘लेटर ऑफ अप्रिसिएशन’ प्रदान किया गया है।

यह सम्मान इस बात का भी प्रमाण है कि सीमित संसाधनों और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद हिमालयी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर के वैज्ञानिक मंचों और विचारों से जोड़ने के प्रयास लगातार सफल हो रहे हैं।

महाविद्यालय ने Knowledge Partner के रूप में भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट के विभिन्न वैज्ञानिक एवं अकादमिक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता की। इस सहयोग के माध्यम से रानीखेत और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विज्ञान जगत की उन प्रतिष्ठित हस्तियों को सुनने और उनके विचारों से रूबरू होने का अवसर मिला, जिनका वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में विशेष स्थान है।

इन कार्यक्रमों में नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों प्रो. डेविड जे. वाइनलैंड, प्रो. मॉर्टन पीटर मेल्डल और प्रो. कार्ल ई. वीमन के व्याख्यान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। ऐसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के विचारों और अनुभवों से सीधे जुड़ने का अवसर पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि माना जा रहा है।

इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को Quantum Foundation Online Lecture Series, Voyage through the Cosmos, Scientific Views on Bhagavad Gita Series तथा Quanta, Mind & Agency – Special Lecture Series जैसे विशिष्ट और समकालीन कार्यक्रमों से भी जोड़ा गया। इन व्याख्यानों और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को क्वांटम विज्ञान, ब्रह्मांड, चेतना, वैज्ञानिक चिंतन तथा विज्ञान के विभिन्न समकालीन एवं अंतर्विषयी विषयों को समझने का अवसर मिला।

भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट ने अपने प्रशंसा पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया कि इन गतिविधियों का लाभ उत्तराखंड के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और वक्ताओं से संवाद के अवसरों ने विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिक जिज्ञासा, आलोचनात्मक चिंतन, आत्मविश्वास, आंतरिक चिंतन और अंतर्विषयी विषयों के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संस्थान ने डॉ. भारत पांडे के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके योगदान से दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक संबंध और मजबूत हुए हैं। साथ ही उनके प्रयासों के कारण हिमालयी क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए वैज्ञानिक संवाद और विश्वस्तरीय ज्ञान तक पहुंच अधिक सुलभ हुई है।

भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट ने भविष्य में भी वैज्ञानिक शिक्षा, विज्ञान लोकप्रियकरण और आउटरीच कार्यक्रमों के क्षेत्र में इस सहयोग को आगे बढ़ाने की अपेक्षा व्यक्त की है।

8 सितंबर 2026 को जारी यह प्रशंसा पत्र भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट, कोलकाता के निदेशक एवं आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र वरुण अग्रवाल (HH BS Vrajendra Kumar Swami) द्वारा प्रदान किया गया।

यह उपलब्धि एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि भौगोलिक दूरी प्रतिभा और अवसर के बीच बाधा नहीं बननी चाहिए। रानीखेत जैसे हिमालयी क्षेत्र के विद्यार्थियों को नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों और वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के विचारों से जोड़ने की यह पहल विज्ञान लोकप्रियकरण के क्षेत्र में एक सार्थक और प्रेरणादायक कदम बनकर सामने आई है।

स्थानीय स्तर पर इस उपलब्धि को रानीखेत महाविद्यालय और पूरे पर्वतीय क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण माना जा रहा है। विज्ञान के प्रति नई पीढ़ी की रुचि बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में डॉ. भारत पांडे और विज्ञान लोकप्रियकरण प्रकोष्ठ की यह पहल आने वाले समय में भी विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।

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