रानीखेत। उत्तराखंड के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक चेतना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Government P.G. College, Ranikhet द्वारा नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक Carl E. Wieman का एक प्रेरणादायक ऑनलाइन व्याख्यान “Taking a Scientific Approach to Science and Engineering Education” आयोजित किया गया।
यह व्याख्यान एक साथ Zoom एवं YouTube Live के माध्यम से प्रसारित किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न पर्वतीय जनपदों से छात्रों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने भाग लिया।
यह कार्यक्रम Bhaktivedanta Institute, Kolkata के सहयोग से ज्ञान साझेदार (Knowledge Partner) के रूप में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय वैज्ञानिक संवाद से जोड़ना था।
इस शैक्षणिक पहल की संकल्पना एवं समन्वय डॉ. भारत पाण्डेय, सहायक प्राध्यापक (रसायन विज्ञान), समन्वयक—विज्ञान लोकप्रियीकरण प्रकोष्ठ, Government P.G. College, Ranikhet तथा जिला समन्वयक, Uttarakhand Council for Science and Technology (UCOST), देहरादून द्वारा किया गया।
प्रो. वीमन ने अपने व्याख्यान में बताया कि विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में वैज्ञानिक पद्धति अपनाना ही सीखने की कुंजी है, जिसमें साक्ष्यों और परिणामों के आधार पर शिक्षण विधियों को परखना और सुधारना शामिल है। उन्होंने कहा कि परंपरागत शिक्षण पद्धति में केवल तथ्यों का शिक्षण और परीक्षा-उन्मुख शिक्षा पर्याप्त नहीं है; बल्कि विद्यार्थियों को जिज्ञासा, विश्लेषणात्मक सोच और समस्या समाधान क्षमता विकसित करना आवश्यक है। यह दृष्टिकोण शिक्षा को सिर्फ़ जानकारी देने वाला नहीं, बल्कि सोच विकसित करने वाला बनाता है। 
Zoom सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को नोबेल पुरस्कार विजेता से प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिला, जबकि YouTube Live के माध्यम से उत्तराखंड के दूरस्थ महाविद्यालयों के विद्यार्थी भी बिना किसी भौगोलिक बाधा के कार्यक्रम से जुड़ सके। इस पहल को वैश्विक वैज्ञानिक उत्कृष्टता और पर्वतीय क्षेत्र की शिक्षा के बीच प्रभावी सेतु स्थापित करने के रूप में सराहा गया।
Government P.G. College, Ranikhet के प्राचार्य Prof .Pushpesh Pandey ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शोध संस्कृति को मजबूत करने, विद्यार्थियों में प्रेरणा उत्पन्न करने और ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम की सराहना करते हुए Prof.Durgesh Pant, महानिदेशक, UCOST ने कहा कि इस तरह की पहलें दूरदर्शी शैक्षणिक दृष्टिकोण का प्रतीक हैं और ये उत्तराखंड में वैज्ञानिक चेतना तथा नवाचार आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करती हैं।
कार्यक्रम को Vidya Bharati उत्तराखंड, Vigyan Bharti उत्तराखंड तथा UCOST द्वारा भी सराहा गया और इसे राज्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं शिक्षा प्रसार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया।
इस व्याख्यान की रिकॉर्डिंग व्यापक शैक्षणिक लाभ के लिए ऑनलाइन उपलब्ध है, जिसे यहाँ देखा जा सकता है:
👉 https://www.youtube.com/live/nsGuRdh6kGQ?si=R9IidpdMRCtEyd9J




















