रानीखेत : अस्पतालों में अनधिकृत वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई, रानीखेत में डॉक्टरों ने जताई नाराजगी

सोशल मीडिया पर अस्पताल की वीडियो बनाई तो होगी कानूनी कार्रवाई: प्रांतीय स्वास्थ्य सेवा संघ

रिपोर्ट – बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। सरकारी अस्पतालों में बिना अनुमति पहुंचकर अनौपचारिक निरीक्षण करने, डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर चिकित्सकों की छवि धूमिल करने के मामलों पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अल्मोड़ा डॉ. हरीश चंद्र पंत की अध्यक्षता में आयोजित प्रांतीय स्वास्थ्य सेवा संघ की बैठक में स्पष्ट निर्णय लिया गया कि भविष्य में अस्पताल परिसरों में अनधिकृत वीडियोग्राफी कर वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में रानीखेत स्थित स्वर्गीय गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय की वर्तमान परिस्थितियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रांतीय स्वास्थ्य सेवा संघ की रानीखेत शाखा के अध्यक्ष डॉ. बिपिन चंद्रा और महासचिव कमल किशोर ने अस्पताल में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और भारी कार्यदबाव के बीच डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मचारी मरीजों को सेवाएं देने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोग बिना पूर्व अनुमति अस्पताल पहुंचकर कमियों को कैमरे में रिकॉर्ड करते हैं और बाद में वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर देते हैं। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से चिकित्सकों और कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है तथा उनके कार्य करने के वातावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
बैठक में यह भी जानकारी सामने आई कि लगातार हो रहे इस प्रकार के कथित उत्पीड़न और दबाव से परेशान होकर रानीखेत अस्पताल के एक चिकित्सक ने अपना इस्तीफा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के समक्ष सौंप दिया है। इस घटना को लेकर चिकित्सक संघ ने गंभीर नाराजगी जताई है।
संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अस्पतालों में अनधिकृत हस्तक्षेप, वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया के माध्यम से चिकित्सकों को निशाना बनाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो चिकित्सक सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार, धरना प्रदर्शन अथवा सामूहिक त्यागपत्र जैसे कदम उठाने के लिए बाध्य हो सकते हैं।
बैठक में मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आम जनता को अस्पतालों की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित शिकायत दर्ज कराने का पूरा अधिकार है। हालांकि, शिकायतों के निस्तारण के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल मौजूद है। अधिकारियों ने कहा कि अस्पताल में किसी प्रकार की समस्या, कमी या अव्यवस्था दिखाई देने पर संबंधित व्यक्ति अस्पताल प्रशासन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक या उच्च स्वास्थ्य अधिकारियों के संज्ञान में मामला ला सकता है, ताकि उसका उचित समाधान किया जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी अल्मोड़ा डॉ. हरीश चंद्र पंत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अस्पतालों को बिना अनुमति वीडियोग्राफी और अनधिकृत निरीक्षण का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि किसी जनप्रतिनिधि या आम नागरिक द्वारा अस्पताल परिसर के भीतर डॉक्टरों, कर्मचारियों अथवा कक्षों की अनधिकृत वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का मामला सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सक संघ ने सभी नागरिकों से अस्पतालों की व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों को निर्धारित माध्यमों से दर्ज कराने की अपील की है, ताकि समस्याओं का समाधान हो सके और चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को बिना किसी अनावश्यक दबाव के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का अवसर मिल सके।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीप प्रकाश पार्की तथा प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य संघ कुमाऊं के महासचिव डॉ. दीपक शर्मा सहित अन्य चिकित्सक एवं पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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