रानीखेत महाविद्यालय में ‘तिरंगा: आजादी के संघर्ष से राष्ट्र निर्माण तक’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता, संध्या पांडे ने हासिल किया प्रथम स्थान

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“हर घर तिरंगा अभियान” के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता।

रिपोर्टर :  बलवंत सिंह रावत 

रानीखेत। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर स्वर्गीय श्री जय दत्त वैला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत में “तिरंगा: आजादी के संघर्ष से राष्ट्र निर्माण तक” तथा “विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस” के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा देश की एकता एवं अखंडता के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे के प्रेरणादायी एवं ओजस्वी संबोधन से हुआ। इस अवसर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में महाविद्यालय की विभिन्न संकायों के 15 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान, आजादी के महत्व, वर्तमान समय में राष्ट्र के समक्ष चुनौतियों तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।

प्रतियोगिता में संध्या पांडे (बी.एससी. प्रथम सेमेस्टर) ने प्रथम, शगुन पंत (बी.ए. तृतीय सेमेस्टर) ने द्वितीय तथा सभ्यता बिष्ट (बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता छात्र-छात्राओं को प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे द्वारा प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका निभाते हुए इतिहास विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सुरेश टम्टा तथा जंतु विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. अतुल उप्रेती ने प्रतिभागियों के विचारों और प्रस्तुति की सराहना की।

वहीं विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस के संदर्भ में इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. आशुतोष विक्रम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिवस वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों तथा विस्थापन का दर्द झेलने वाले लाखों नागरिकों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इतिहास की इन घटनाओं से सीख लेकर समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करना आज की आवश्यकता है।

प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य भावी पीढ़ी को यह संदेश देना है कि सामाजिक विभाजन, नफरत और भेदभाव के परिणाम कितने विनाशकारी हो सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सकारात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिकता का परिचय देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. पारुल भारद्वाज ने “तिरंगा: आजादी के संघर्ष से राष्ट्र निर्माण तक” विषय पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ. कोमल गुप्ता ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. रश्मि रौतेला, डॉ. लक्ष्मी देवी, डॉ. रेखा भट्ट, डॉ. हिमानी नेगी, डॉ. बबीता कांडपाल, डॉ. आस्था अधिकारी, डॉ. मीना परगाई, छात्रसंघ अध्यक्ष हर्षित रौतेला, सचिव गौरव तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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