समाजसेवी मुंशी हरिप्रसाद टम्टा की पुण्यतिथि एवं उत्तराखंड आंदोलन के प्रखर नेता विपिन त्रिपाठी की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
रिपोर्टर बलवंत सिंह रावत
द्वाराहाट। द्वाराहाट की पावन धरा पर क्षेत्र के लोकप्रिय समाजसेवी मुंशी हरिप्रसाद टम्टा की पुण्यतिथि एवं उत्तराखंड आंदोलन के प्रखर नेता विपिन त्रिपाठी की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों व नागरिकों ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके योगदानों को स्मरण किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कांग्रेस जिला अध्यक्ष रानीखेत दीपक किरौला ने कहा कि मुंशी हरिप्रसाद टम्टा का जीवन सादगी, संघर्ष और जनसेवा का प्रतीक था। उनके पदचिह्नों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
नगर पंचायत अध्यक्ष संगीता आर्या ने कहा कि द्वाराहाट क्षेत्र के विकास और गरीब तबके की आवाज उठाने में मुंशी जी की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने सामाजिक समरसता और जनहित में उनके कार्यों को प्रेरणास्रोत बताया।
वहीं पूर्व जिला अध्यक्ष नारायण सिंह रावत ने मुंशी हरीश टम्टा और विपिन त्रिपाठी दोनों को इस माटी का सच्चा सपूत बताते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने जनसेवा का मार्ग नहीं छोड़ा।
‘विपिन दा’ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष और उत्तराखंड राज्य के प्रति समर्पण अद्वितीय था तथा आज की राजनीति में उनके जैसे निस्वार्थ सेवा भाव की अत्यंत आवश्यकता है।
ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश अधिकारी ने कहा कि विपिन त्रिपाठी जी ने सदैव शोषितों और वंचितों की आवाज बुलंद की। द्वाराहाट की भूमि को उनकी कर्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि मुंशी जी का व्यक्तित्व कार्यकर्ताओं के लिए ऊर्जा का स्रोत है और उनके बताए सेवा मार्ग पर चलना ही सभी का लक्ष्य होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी दोनों महान विभूतियों के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने “मुंशी हरिप्रसाद टम्टा अमर रहें” के नारों के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।




















