रानीखेत। 30 जनवरी को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सीमांत मुख्यालय रानीखेत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में अत्यंत गरिमा, अनुशासन और श्रद्धा के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर देश की एकता, अखंडता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को स्मरण किया गया।
सीमांत मुख्यालय परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान पूर्वाह्न 11:00 बजे बिगुल की धुन के साथ दो मिनट का मौन रखा गया।
इस दौरान मुख्यालय परिसर में उपस्थित सभी अधिकारियों, जवानों और कार्मिकों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं देश के वीर सपूतों को मौन श्रद्धांजलि अर्पित की। निस्तब्ध वातावरण में जवानों ने बापू के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की।
इस अवसर पर श्री दुर्गा बहादुर सोनार, उप महानिरीक्षक, सीमांत रानीखेत ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी के विचार न केवल भारत की स्वतंत्रता के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं, बल्कि आज भी एक अनुशासित और संवेदनशील बल के रूप में कार्य करने की दिशा दिखाते हैं।
उन्होंने कहा कि शांति, धैर्य और सामाजिक समरसता के सिद्धांतों को अपनाकर ही हम राष्ट्र की सच्ची सेवा कर सकते हैं।
उन्होंने जवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ देश की आंतरिक अखंडता और सामाजिक एकता बनाए रखना ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है और यही बापू के आदर्शों का वास्तविक सम्मान भी है।
इस श्रद्धांजलि समारोह में डॉ. ओ. बी. सिंह (उप महानिरीक्षक-चिकित्सा), श्री देबासिस पाल (कमांडेंट), श्री कुमार सुंदरम (द्वितीय कमान अधिकारी), श्री अनिल कुमार जोशी (उप कमांडेंट), श्री प्रभाकर (उप कमांडेंट), श्री संजीव डिमरी (सहायक कमांडेंट), श्री राहुल कुमार राय (सहायक कमांडेंट) सहित अधीनस्थ अधिकारी एवं समस्त बल कार्मिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने और देश सेवा के प्रति निष्ठा बनाए रखने के संकल्प के साथ किया गया।




















