संघर्ष से सफलता तक: अल्मोड़ा की वादियों में पहाड़ी व्यंजनों से पर्यटकों का दिल जीत रहा ‘नातिन-बच्ची रोला उढ़ायार पाई’ रेस्टोरेंट
रिपोर्टर – गुड्डू सिंह ठठोला
अल्मोड़ा। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरी खूबसूरत वादियों के बीच एक ऐसा अनोखा रेस्टोरेंट पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है, जहां शुद्ध पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद मिलता है। अल्मोड़ा-कौसानी मार्ग पर दोलाघाट की ओर स्थित यह रेस्टोरेंट ‘नातिन-बच्ची रोला उढ़ायार पाई, खुल जय उत्तराखंड जय भारत’ नाम से प्रसिद्ध हो चुका है। यहां आने वाले पर्यटक कढ़ी-चावल, भट्ट के डुबके, छोले-चावल, गोहत के डुबके जैसे पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का लुत्फ उठाते हैं।
इस रेस्टोरेंट के पीछे संघर्ष और हिम्मत की एक प्रेरणादायक कहानी छिपी है। अल्मोड़ा जिले के पंचगांव निवासी राजेंद्र (राजू) कनवाल और उनके छोटे भाई किशन कनवाल दूरसंचार निगम में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। 8 जनवरी 2020 को पिथौरागढ़ जिले के आर्चूला क्षेत्र में भारी बर्फबारी के दौरान किशन कनवाल की बर्फ में दबकर दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया। किशन अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए, जिनकी जिम्मेदारी बड़े भाई राजू कनवाल पर आ गई।
इसी दौरान दूरसंचार निगम में ठेकेदारी प्रक्रिया के चलते कर्मचारियों की छंटनी हुई और राजू कनवाल को भी अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। इसके बाद कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने हालात और कठिन बना दिए। एक ही परिवार नहीं, बल्कि अब दो परिवारों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। आर्थिक तंगी के बावजूद राजू कनवाल ने हिम्मत नहीं हारी और आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुना।
कोरोना काल के बाद राजू कनवाल ने अपने घर-परिवार की आजीविका के लिए पहाड़ी व्यंजनों का छोटा सा रेस्टोरेंट शुरू किया। आज यही रेस्टोरेंट स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो चुका है। लोग खास तौर पर यहां मिलने वाले पारंपरिक पहाड़ी स्वाद की तारीफ करते नहीं थकते।
रेस्टोरेंट की सफलता में पूरे परिवार का योगदान रहा है। राजू कनवाल के बच्चों ने भी अपने पिता का हौसला बढ़ाया और रेस्टोरेंट संचालन में सहयोग किया। नीचे बहती छोटी नदी और चारों ओर फैली हरियाली इस स्थान को और भी आकर्षक बना देती है। पर्यटक प्राकृतिक नजारों के बीच बैठकर पहाड़ी व्यंजनों का आनंद लेते हैं, जिससे यह स्थान धीरे-धीरे एक खास पर्यटन पड़ाव के रूप में पहचान बना रहा है।




















