त्योहार से पहले खाली जेब: उत्तराखंड में कर्मचारियों का वेतन भुगतान अटका
वेतन संकट: कैंट बोर्ड कर्मियों, दून अस्पताल स्टाफ और इंटर्न का भुगतान अटका, फीकी रहेगी होली
देहरादून। बजट के अभाव में देहरादून में सैकड़ों कर्मचारियों की होली इस बार फीकी पड़ती नजर आ रही है। कैंट बोर्ड गढ़ी के करीब 250 कर्मचारियों को फरवरी माह का वेतन नहीं मिल पाया है।
वहीं दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत उपनल के 105 सफाई कर्मचारियों, 180 एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड और डॉक्टर-कर्मचारियों के इंसेंटिव का भुगतान भी अटक गया है।
कैंट बोर्ड कर्मचारियों में नाराजगी
कैंट बोर्ड गढ़ी के कर्मचारियों को अभी तक जनवरी माह का ही वेतन मिल सका है। फरवरी का वेतन जारी न होने से कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारी होली से पहले भुगतान की मांग कर रहे थे, लेकिन बजट उपलब्ध न होने के कारण वेतन जारी नहीं हो सका।
सीईओ हरेंद्र सिंह ने बताया कि बजट मिलते ही फरवरी माह का वेतन जारी किया जाएगा।
ट्रेजरी में फंसा सफाई कर्मियों का वेतन
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत उपनल के 105 सफाई कर्मचारियों को भी होली से पहले वेतन नहीं मिल पाया। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि 27 फरवरी को बिल ट्रेजरी भेज दिए गए थे, लेकिन अवकाश के कारण भुगतान नहीं हो सका। अब होली के बाद ही वेतन मिलने की संभावना है।
मंगलवार को वेतन न मिलने पर कर्मचारियों ने प्राचार्य और एमएस कार्यालय पहुंचकर नाराजगी जताई। सुपरवाइजर ने आश्वासन दिया कि गुरुवार तक भुगतान हो जाएगा, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने से उनकी होली बेरंग हो गई है और उन्हें उधार लेकर त्योहार मनाना पड़ेगा।
180 इंटर्न और डॉक्टरों का इंसेंटिव भी लंबित
अस्पताल में 180 एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड और कई डॉक्टरों व कर्मचारियों का इंसेंटिव भी अटका हुआ है। इससे युवा चिकित्सकों और स्टाफ में भी असंतोष है।
कांग्रेस का आरोप: आयुष्मान भुगतान न होने से इलाज प्रभावित
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि सरकार आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों का भुगतान नहीं कर रही है।
उनका कहना है कि कई अस्पतालों का सरकार पर भारी बकाया है, जिसके चलते नए मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत हो रही है और आम लोगों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
त्योहार के मौके पर वेतन और भुगतान संकट ने कर्मचारियों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर सरकार की ओर है कि कब तक लंबित भुगतान जारी किए जाते हैं।




















